जयपुर में दो घंटे जमकर बरसा पानी, सिस्टम ऐसा फेल कि सड़कों पर चलने लगी नाव

  • तीन सोमवार सूखे, निकले, आखिरी में जमकर बरसे, गुलाबीनगरी पानी—पानी
  • गुलाबीनगरी में सुबह छह बजे से 10 बजे तक बारिश, दो घंटे जमकर बरसा पानी
  • जयपुर में 62 एमएम बारिश, सावन के दूसरे दिन हुई थी 68 एमएम
  • रक्षाबंधन पर गुलाबीनगरी में मेघ मल्हार

By: kamlesh

Published: 03 Aug 2020, 08:08 PM IST

विजय शर्मा/ जयपुर। बिना बरसे और सूखे निकल रहे सावन के आखिरी सोमवार को मेघ मेहरबान हो गए। राजधानी में सुबह छह बजे से दस तक बजे बारिश का दौर चला। चार घंटे बारिश में दो घंटे तक जोरदार पानी बरसा। राजधानी में चार घंटे में कुल 62 एमएम बारिश दर्ज हुई। सावन में यह दूसरी जोरदार बारिश हुई। इससे पहले सात जुलाई को 68 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। दो दिनों को छोड़ पूरे सावन 32 एमएम बारिश हुई।

इधर, सोमवार को बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। आलम यह रहा कि परकोटा में सुभाष चौक व मोहल्ला पन्नीगरान में पानी भरने पर युवाओं ने नाव भी चला डाली। वहीं दूसरे इलाकों में नालों उफान पर आ गए। यह सीजन की दूसरी सबसे तेज बारिश रही। बारिश से रक्षाबंधन के त्योहार का मजा दोगुना हो गया। इससे पहले सावन की बात करें तो तीन सोमवार को बारिश नहीं हुई।

यह पहला सोमवार था, जब जमकर मेघ बरसे। जयपुर में अभी तक कुल 221 एमएम बारिश हो चुकी है। जिले में पिछले 24 घंटे बारिश की बात करें तो विराटनगर में 80, जमवारामगढ़ में 60, आमेर में 40, कोटपूतली में 21 और फागी में 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। जयपुर कलक्ट्रेट पर 45 एमएम बारिश दर्ज हुई।

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सड़क धंसी, जलभराव, 17 हजार कटटे जिला प्रशासन ने भेजे
बारिश के बाद शहर में सड़क धंसने और जलभराव की लगातार शिकायतें आना शुरू हो गई। जिला कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम में 80 से अधिक शिकायतें आई। जिला प्रशासन ने शहर में सोमवार को 17 हजार कटटे समस्या समाधान के लिए भेजे।

जेपी फाटक अंडर पास, सांगानेर भोमियाजी का चबुतरे से अंडर पास और मालवीय नगर अंडर पास में 3 फीट तक पानी पर गया। सीकर रोड तेजाजी मंदिर के पास दुकानों में पानी भरने पर मडपंप लगाकर पानी निकाला गया और 300 कट्‌टे डाले गए।

वहीं, गुर्जर की थड़ी स्वेज फार्म सुलतान नगर में सड़क का कटाव हो गया। यहां प्रशासन ने 700 मिट्‌टी के कट्‌टे भिजवाए। श्याम नगर में सड़क धंस गई, जहां 1 हजार मिट्‌टी के कट्‌टे डाले गए।

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पिछले दस सालों में तीसरा कमजोर सावन
पिछले सालों में सावन में मानसून की स्थिति देखें तो 10 सालों में इस बार तीसरा कमजोर सावन रहा। इस साल सावन में 162 एमएम बारिश हुई। इससे पहले 2012 में 111 और 2017 में 158 एमएम बारिश सावन के दौरान हो चुकी है। सर्वाधिक बारिश 2018 में 341 एमएम दर्ज की गई।

साल: बारिश एमएम
2011 : 180.4
2012 : 111.3
2013 : 152.1
2014 : 193.2
2015 : 183.2
2016 : 239.7
2017 : 158.5
2018 : 341.5
2019 : : 162
बारिश मिलीमीटर में

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