गेंहू खरीद में बनाया रिकॉर्ड


पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक खरीद
अभी तक 21 लाख 61 हजार मैट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
कोरोना काल में 2 लाख 12 हजार किसान हुए लाभान्वित

By: Rakhi Hajela

Updated: 29 Jun 2020, 09:32 PM IST

प्रदेश में इस बार गेंहू की बम्बर पैदावार हुई है साथ ही किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में भी रिकॉर्ड बनाया गया है। इस वर्ष प्रदेश में विभाग ने केवल ७३ दिनों में २१लाख ६१ हजार मैट्रिक टन गेंहू की खरीद कर पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह भी तब जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कम समय मिला है। इससे पूर्व वर्ष 2014-2015 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 21 लाख 55 हजार मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। प्रदेश में लगभग 2 लाख 12 हजार किसानों से 4 हजार 160 करोड़ रुपए के गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

29 हजार 605 मैट्रिक टन गेहूं की प्रतिदिन खरीद
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने बताया कि गत वर्ष रोजाना गेहूं की औसत खरीद 13 हजार 187 मैट्रिक टन थी जबकि इस वर्ष 29 हजार 605 मैट्रिक टन गेहूं की प्रतिदिन खरीद की गई जो कि पिछले साल से ढाई गुना अधिक थी। उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2015-2016 में 13, 2016-2017 में 7.61, 2017-18 में 12.45, 2018-19 15.32 एवं 2019-20 में 14.11 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सामाजिक और मानव सम्पर्क रहित स्थिति बनाते हुए 456 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि क्रय केन्द्रों पर गत 16 अप्रेल से गेहूं की खरीद की जा रही है।

गेहूं की 10 जिलों में अधिक खरीद
खाद्य मंत्री ने बताया कि हनुमानगढ़, श्री गंगानगर, कोटा, बून्दी, बारां, झालावाड़, चित्तौडग़ढ़, भरतपुर, बांसवाड़ा एवं सवाईमाधोपुर जिलों में विभाग द्वारा ज्यादा गेहूं खरीद कर किसानों को राहत पहुंचाई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हुई बेमौसम वर्षा के कारण केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं की गुणवत्ता गेहूॅं की चमक के मापदण्डों में छूट प्रदान की गई जिसके कारण कोटा, बूंदी, बारां,झालावाड़, सवाई माधोपुर, राजसमंद, चित्तौडग़ढ, उदयपुर, भीलवाड़ा एवं प्रतापगढ़ जिलों के किसानों को प्रत्यक्ष रूप से फायदा मिला।
सीमित संसाधनों के बाद भी किया काम
महाजन ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान विषम परिस्थितियों एवं सीमित संसाधनों के बाद भी पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क गेहूं को पहुंचाया गया लेकिन विभाग के अथक प्रयासों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की सर्वाधिक रिकार्ड खरीद की गई। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में पात्र व्यक्तियों को सामान्य आवंटन, अतिरिक्त आवंटन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना के तहत आवंटित गेहूं का उठाव कर लाभार्थियों को वितरण कर राहत पहुंचाई गई। आवंटित गेहूं का उठाव एवं खरीद केन्द्रों से गेहूं का उठाव का कार्य एकाकी तौर पर किया गया जिसके कारण भारतीय खाद्य निगम को डबल लिफ्टिंग की समस्या का भी सामना करना पड़ा।
लक्ष्य में किया संशोधन
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2020-2021 के तहत गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1 हजार 925 घोषित किया गया है साथ ही प्रदेश में खरीद लक्ष्य 17 लाख मैट्रिक टन किया था। प्रदेश में कोटा संभाग में अच्छी वर्षा होने के कारण लक्ष्य में संशोधन करते हुए पहले 20.66 लाख मैट्रिक टन किया गया लेकिन प्रदेश में गेहूं की बम्पर खरीद होने के कारण निर्धारित किए गए लक्ष्य में संशोधन करते हुए अब 21.77 लाख मैट्रिक टन गेहूं का नया लक्ष्य दिया गया है।
कहां हुई कितनी खरीद
इस वर्ष 2020-21 में केवल 73 दिनों में ही 21.61 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है।
जिला गत वर्ष वर्तमान वर्ष
हनुमानगढ़ 5 लाख 66 हजार 866 6 लाख 43 हजार 344
श्री गंगानगर 5 लाख 23 हजार 925 6 लाख 61 हजार 936
कोटा 1 लाख 2 हजार 622 2 लाख 37 हजार 722
बूंदी 99 हजार 306 2 लाख 29 हजार 78
बारां 43 हजार 87 86 हजार 70
झालावाड़ 25 हजार 421 59 हजार 10
बांसवाड़ा 9 हजार 720 26 हजार 120
चित्तौडग़ढ़ 668 42 हजार 324
अलवर 2 हजार 722 21 हजार 630
(खरीद मैट्रिक टन में )

Rakhi Hajela Desk
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