26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Share Market Scam: लोगों की गाढ़ी कमाई पार कर रहे साइबर जालसाज, जानें कैसे

Jaipur News : जयपुर कमिश्नरेट की साइबर थाना पुलिस की माने तो तीस-चालीस लाख रुपए से लेकर एक-डेढ़ करोड़ रुपए तक की ठगी के रोज प्रकरण सामने आ रहे हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Alfiya Khan

•

Updated: 15 Sep 2024, 8:48 AM IST

cyber fraud

जयपुर। प्रदेशभर में शेयर मार्केट के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जयपुर कमिश्नरेट में ही रोज तीन-चार लोग पैसा गंवाकर पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। ठगी की रकम भी लाखों-करोड़ों में होती है। जयपुर कमिश्नरेट की साइबर थाना पुलिस की माने तो तीस-चालीस लाख रुपए से लेकर एक-डेढ़ करोड़ रुपए तक की ठगी के रोज प्रकरण सामने आ रहे हैं। जबकि एक लाख से कम की ठगी के प्रकरण स्थानीय थानों में दर्ज हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शेयर मार्केट में निवेश के लिए कोई फोन कर रहा है.. तो समझ लें कि जालसाज है, उसके झांसे में नहीं आएं।

हर वर्ग हो रहा ठगी का शिकार

जालसाज युवा, बुजुर्ग, व्यापारी, सरकारी व प्राइवेट नौकरी करने वाले, महिला-पुरुष सभी तरह के लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर थानाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि हर वर्ग के लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें : सड़कों पर गड्ढे, हिचकोले खा रही जिंदगी: कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे लोग, बढ़ रहा मरीजों का आंकड़ा

यों बनाते शिकार

जालसाज सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लुभावने वीडियो व संदेश देकर लोगों को जुड़ने के लिए आकर्षित करते हैं। शेयर मार्केट में 1 लाख रुपए के कुछ दिन में ही 5. 10 लाख रुपए हो जाने का झांसा देते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर लिंक शेयर करते हैं। इन लिंक के जरिये निवेश करवाकर ठगी करते हैं। शेयर मार्केट के नाम पर ठगी के एक-दो मामले थाने में रोज आ रहे हैं।

अधिकृत प्लेटफॉर्म पर करें ट्रेडिंग

आजकल लोग सोशल मीडिया या किसी अनजान ऐप के जरिये ट्रेडिंग करने लगते हैं, जिससे ठगी का शिकार हो जाते हैं। लोगों को रकम निवेश करने से पहले, जिस प्लेटफॉर्म ऐप के जरिए पैसा लगा रहे हैं, उसकी तस्दीक कर लेनी चाहिए।

सरकार व भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से अधिकृत ऐप के जरिये ही निवेश करें, ताकि तगी का शिकार होने से बच सकें। किसी के पास आगे बढ़कर निवेश करवाने के लिए फोन आता है, तो समझ लें कि वो साइबर जालसाज है। स्पॉन्सर ऐप से बचें। ऐसे ऐप व फोन करने वालों की जानकारी साइबर थाना पुलिस को दें। -कैलाश बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, जयपुर कमिश्नरेट

यह भी पढ़ें : SDM की एक कुर्सी के लिए दो RAS में जंग: भिड़ी दो महिला अफसर, फिर कलक्टर ने लिया ये फैसला

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग