
Soybean price: पैदावार बढ़ने की उम्मीद में सोयाबीन के दाम धड़ाम
पैदावार बढ़ने की उम्मीद में सोयाबीन के दाम महीने भर में 1000 रुपए प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। सोयाबीन व्यापारियों के अनुसार नई फसल के भाव 5000 रुपए क्विंटल से नीचे खुल सकते हैं और भाव लुढक कर 4500 रुपए तक भी आ सकते हैं। विदेशी बाजार में खाद्य तेलों के दाम गिरने के बीच सरकार द्वारा देश में भी खाद्य तेल के भाव में और कमी लाने पर जोर देने के कारण भी सोयाबीन की कीमतों में नरमी आई है। सोयाबीन कारोबारियों ने बताया कि इस साल सोयाबीन की पैदावार बढ़ने के साथ ही इसकी गुणवत्ता भी बेहतर रहने की उम्मीद है। किसानों ने नई आवक से पहले सोयाबीन के भाव ज्यादा मिलने की उम्मीद में इसका स्टॉक कर रखा था। लेकिन ऐसा न होने से अब वे मंडियों में आवक बढ़ा रहे हैं। मंडी में इस समय 1500 से 2000 बोरी सोयाबीन की आवक हो रही है, जबकि आमतौर पर इस समय 150 से 200 बोरी की आवक होती है।
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इस कारण टूटेंगे दाम
चालू खरीफ सीजन में सोयाबीन की बंपर फसल की संभावना, सरसों का ज्यादा स्टॉक और मलेशिया में कच्चे पाम तेल की कीमतों में कमजोरी की वजह से सोयाबीन की कीमतों में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। इंदौर में सोयाबीन के भाव घटकर 5250 रुपए प्रति क्विंटल तक आ चुके हैं। विदेशी बाजार में खाद्य तेलों में मंदी का असर घरेलू बाजार में सोयाबीन की कीमतों पर गिरावट के रूप में दिख रहा है। भाव लगातार घटकर 5200 रुपए प्रति क्विंटल तक आ चुके हैं और नई फसल के दाम 5000 रुपए से नीचे खुल सकते हैं।
पिछले साल के समान है सोयाबीन की बुवाई
देश भर में इस साल सोयाबीन की बुवाई 120.4 लाख हेक्टेयर में हुई, जो कि पिछले साल की समान के 120.60 लाख हेक्टेयर के समान है। सोयाबीन की बुवाई लगभग खत्म हो चुकी है। अब सोयाबीन के रकबे में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होने के आसार हैं। लेकिन अब तक ज्यादातर सोया उत्पादक इलाकों में फसल की स्थिति अच्छी बताई जा रही है। ऐसे में आगे नुकसान नहीं हुआ तो उत्पादन बढ़ सकता है।
Published on:
08 Sept 2022 01:04 pm
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