हिंदुस्तानी दूल्हे और पाकिस्तानी दुल्हन की शादी की गवाह थी सुषमा स्वराज, पल भर में सुलझा दी थी ये बड़ी उलझन

हिंदुस्तानी दूल्हे और पाकिस्तानी दुल्हन की शादी की गवाह थी सुषमा स्वराज, पल भर में सुलझा दी थी ये बड़ी उलझन

Nidhi Mishra | Publish: Aug, 08 2019 01:41:43 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

एक हिंदुस्तानी दूल्हे को जब पाकिस्तानी दुल्हन लानी थी और शादी के चंद दिनों पहले तक भी वीजा नहीं मिला था, जानिए तब इन दो अलग अलग मुल्कों के परिवारों को सुषमा स्वराज ( Sushma Swaraj ) ने किस तरह मदद की...

जोधपुर/ जयपुर। बात नवम्बर 2016 की है। जोधपुर के नरेश तोलानी की शादी पाकिस्तान के कराची की प्रिया बच्चानी से होनी थी। लेकिन प्रिया के परिवार को वीजा मिलने ( visa problem
) में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सुषमा स्वराज ( former foreign minister sushma swaraj ) को किए गए एक ट्वीट ने उनके परिवार को हाथों-हाथ वीजा दिलवाया। ये थी पूर्व विदेश मंत्री की सहृदयता... अकेले जोधपुर से जुड़े ही कितने ऐसे किस्से हैं, जिनसे सुषमी की यादें समाई हैं। चलिए फिलहाल आपको यही किस्सा बताते हैं कि कैसे दो बेकरार दिलों को पूर्व विदेश मंत्री ने एक ट्वीट से मिलवाया और आज दोनों साथ साथ खुशी खुशी भारत में धड़क रहे हैं।

 

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

अक्टूबर 2016 में हिन्दुस्तान और पाकिस्तान में उरी हमले ( Uri attack ) के बाद से तनाव चल रहा था और ऐसे में पाकिस्तान से भारत आने और भारत से पाकिस्तान जाने वाले नागरिक बहुत आशंकित थे। इस स्थिति में पाकिस्तान के कराची की लड़की की भारत के जोधपुर के लड़के साथ शादी होनी थी। तीन दिवसीय विवाह समारोह 5 नवम्बर 2016 से जोधपुर में होना था, जिसके लिए दुल्हन सहित 15 परिजनों को वीजा ही नहीं मिला था।

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

उन दिनों भारत-पाक सीमा पर चल रहे तनाव के बीच सूर्यनगरी के शंकर नगर निवासी सिंधी टेवानी परिवार भी चिंता में था। दरअसल टेवानी परिवार के सदस्य नरेश की शादी 7 नवम्बर 2016 को पाकिस्तान के कराची शहर निवासी एक डॉक्टर की बेटी प्रिया से होनी थी।

इस परिवार के जोधपुर में पहुंचने के बाद पाणिग्रहण संस्कार होना था। तीन दिवसीय विवाह समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन इस बीच सीमा पार दुल्हन के सभी परिजनों का वीजा अटक गया था।

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

दुल्हन प्रिया के 15 रिश्तेदारों ने तीन माह पूर्व भारतीय दूतावास में वीजा के लिए आवेदन कर दिया था। वीजा नहीं मिलने के कारण पूर्व में तय मुहूर्त में फेरों को लेकर असमंजस की स्थिति बन चुकी थी।

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बाद वीजा दिए जाने में भारत अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा था। परिवार की निकटतम सहयोगी सिंधु महिला मंडल की अध्यक्ष रिया मूलचंदानी ने बताया कि संभवत: वीजा प्रक्रिया में विलंब का कारण सीमा पर उन दिनों तनाव था।

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

नरेश के पिता जोधपुर में व्यवसायी हैं। नरेश भी ऑटो पार्ट्स के व्यवसाय में उनका हाथ बंटाता है। ये लोग शंकर नगर में रहते हैं। नरेश का रिश्ता कराची के एक डॉक्टर की बेटी प्रिया के साथ तय हुआ था। नरेश ने बताया था कि बताते कि उनके पिता के एक दोस्त ने ये रिश्ता बताया था। लड़की वाले करीब तीन साल पहले जोधपुर आए थे और रिश्ता पक्का कर दिया। दोनों की सगाई भी तभी कर दी गई। शादी सात नवंबर को तय हुई और प्रिया के 15 रिश्तेदारों ने तीन महीने पहले वीजा का आवेदन कर दिया था।

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

अमूमन वीजा मिलने में डेढ़ से दो महीने का समय लगता है लेकिन उन्हें शादी के कुछ दिनों पहले तक भी वीजा नहीं मिला था। उनका मानना था कि उरी आतंकी हमले और फिर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों में तनाव के चलते भारत सरहद पार से यहां आने वाले लोगों को वीजा देने में बहुत सावधानी बरत रहा था। टेवानी परिवार का कहना था कि लड़की के परिवार वालों को भारत आकर ही शादी करनी थी।

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

ऐसे में अपनी तरफ से वे लोग शादी की सभी तैयारियां पूरी कर चुके थे। हालांकि वीजा नहीं मिलने से वे परेशान जरूर थे, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि शादी की तारीख से पहले सब ठीक हो जाएगा और उन्हें वीजा मिल जाएगा। हुआ भी ऐसा ही... नरेश और प्रिया के लिए फरिश्ता बनकर आईं तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज... उन्होंने ट्वीट कर भरोसा दिलाया कि उनकी शादी तय तारीख को ही होगी और हाथों हाथ दुल्हन और उसके परिवार को वीजा भी मिल गया। आज जब नरेश और प्रिया को सुषमा स्वराज के निधन की खबर मिली, तो दोनों ही मायूस हो गए। साथ ही उन्होंने बताया कि सुषमा ने उन्हें जीवनभर के लिए जो तोहफा दिया, उसके लिए वे हमेशा स्वराज के आभारी रहेंगे।

 

 

Sushma Swaraj Helped Indian Man And Pak Girl To Marry In Jodhpur

जोधपुर को बहुत याद आएगी सुषमा
- 2015 का एक मामला जब हवा देवी अपने बेटे व देवरानी के साथ धार्मिक वीजा पर पाकिस्तान से भारत आई थी। लंबे संघर्ष के बाद भी वह वापस नहीं जा पा रही थी। तब जोधपुर के हिंदू सिंह सोढा ने सुषमा के समक्ष मांग रखी तो उन्होंने गृह मंत्रालय से बात कर सकारात्मक निर्णय निकालने का आश्वासन दिया था।

 

- 2017 में जोधपुर की एक विदेशी बहू की भी उन्होंने ऐसी ही मदद की थी। कारमैन डी पिलर नाम की यह महिला जोधपुर के योगेश से शादी कर हांगकांग से यहां आई थी। यहां प्रताडि़त महसूस करने पर सुषमा को एक ट्वीट किया और वीजा एक्सटेंशन की मांग की थी। सुषमा ने इस दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाया और सोशल मीडिया पर छा गई।

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