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पैदावार में गिरावट से फीका पड़ेगा का हल्दी का स्वाद,  पार किया 300 रुपए किलो का आंकड़ा

पिछले दिनों हुई बारिश से हल्दी की फसल खराब होने की खबरों ने हल्दी के रंग को फीका कर दिया है।

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पैदावार में गिरावट से फीका पड़ेगा का हल्दी का रंग,  300 रुपए किलो का आंकड़ा किया पार

पैदावार में गिरावट से फीका पड़ेगा का हल्दी का रंग,  300 रुपए किलो का आंकड़ा किया पार

पिछले दिनों हुई बारिश से हल्दी की फसल खराब होने की खबरों ने हल्दी के रंग को फीका कर दिया है। पैदावार में गिरावट की आशंका से पिछले 20 दिनों में हल्दी के दाम करीब 15 फीसदी तक चढ़ चुके है। वायदा बाजार की कीमतें पिछले पांच महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। मसाला कारोबारी रामअवतार अग्रवाल का कहना है कि हल्दी की कीमतों में लगातार चौथे सप्ताह उछाल देखने को मिल रहा है। हल्दी के दाम करीब पांच महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। हल्दी का मई वायदा में कीमतें बढ़कर 8350 रुपए, जून वायदा 8570 रुपए और अगस्त वायदा 8758 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गई। वायदा बाजार की तरह हाजिर बाजार में भी कीमतें तेजी से भाग रही है।

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सटोरियों ने भी बढ़ा दिए है दाम

बारिश के कारण फसल खराब होने की खबरों के बाद से सटोरियों की सक्रियता बढ़ गई है। प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर आपूर्ति में कमी के कारण हल्दी की कीमतें पिछले पांच महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। गौरतलब है कि पिछले महीने बारिश के कारण महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में फसल को भी नुकसान हुआ। बारिश के कारण गुंटूर, कृष्णा और एनटीआर जिलों में हल्दी का स्टॉक बारिश के पानी में भीग गया था। हालांकि नई फसल की आवक में सुधार हुआ है। निजामाबाद में अब तक लगभग 7 से 8 लाख बोरी और सांगली में लगभग 7 लाख बोरी की आवक हुई है।

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