
जयपुर। राजस्थान में आगामी विधानसभा आम चुनाव में पहली बार मतदान में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मतदाताओं को अपने मतदान की सही होने की पुष्टि हो सकेगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में सभी मतदान केन्द्रों पर इसका इस्तेमाल किया जायेगा। वीवीपैट एक स्वतंत्र प्रिंटर प्रणाली है जिसे ईवीएम से जोड़कर मतदान कराया जाता हैं, जिससे मतदाताओं को अपना मतदान सही होने की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीवीपैट मशीन से मतदान करने के बाद कोई पर्ची नहीं निकलेगी, मतदाता को एक पारदर्शी स्क्रीन के पीछे पर्ची सात सैकण्ड तक दिखने के बाद वीवीपैट के मुहरबंद डिब्बे में चली जाएगी। इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले थर्मल पेपर पर छपी हुई जानकारी पांच साल से भी अधिक समय तक पठनीय रहती है।
देश में वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल अब तक 933 राज्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों और 18 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनाव में किया जा चुका है। इसका इस्तेमाल गोवा, हमाचल प्रदेश, गुजरात, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में किया गया।
Updated on:
06 Oct 2018 12:52 pm
Published on:
06 Oct 2018 12:51 pm
