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वर्षों बाद भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं, कैसे बढ़ेगी इकाइयां

locationजैसलमेरPublished: Jan 16, 2024 07:35:49 pm

Submitted by:

Deepak Vyas

 

-रीको में सुविधाओं का टोटा, सडक़ें खस्ताहाल, आज तक जल कनेक्शन का इंतजार

 

वर्षों बाद भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं, कैसे बढ़ेगी इकाइयां
वर्षों बाद भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं, कैसे बढ़ेगी इकाइयां

कस्बाई क्षेत्रों में छोटे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को लेकर जिम्मेदारों की नजरें इनायत नहीं हो रही है। कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयों को विकसित करने के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे है तो यहां स्थित औद्योगिक इकाइयों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर करवाए गए विकास कार्य भी देखरेख व रख-रखाव के अभाव में नकारा पड़े है। ऐसे में सरकारी धनराशि खर्च होने के बावजूद भी उनका लाभ छोटे उद्योग लगाने वाले लोगों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में यहां नई औद्योगिक इकाइयां नहीं लग रही है और औद्योगिक विकास को लेकर चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है। यह है हकीकतकस्बे में जैसलमेर रोड पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र रीको में पानी, बिजली व सडक़ों के निर्माण को लेकर लाखों रुपए खर्च कर विकास कार्य करवाए गए थे, लेकिन आधे अधूरे निर्माण के कारण उसका लाभ यहां लगाए गए कल कारखाने के मालिकों व श्रमिकों को नहीं मिल रहा है। यहां सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था के लिए लाखों रुपए की लागत से क्षेत्र के चारों तरफ सोडियम लाइटें लगाई गई थी, जिनमें से कई लाइटें टूट चुकी है तो कई खराब पड़ी है। जिसके कारण रात के समय यहां अंधेरा पसरा रहता है। यही हालात यहां पेयजल व्यवस्था के है। निगम की ओर से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर नलकूप खोदा गया था और जलाशय का भी निर्माण करवाया गया था। अभी तक नलकूप को चालू करए उच्च जलाशय में जलापूर्ति करना तो दूर क्षेत्र में अभी तक औद्योगिक इकाइयों तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी नहीं किया गया है। जलापूर्ति के लिए निर्मित करवाए गए ये संसाधन नकारा साबित हो रहे है और यहां कार्यरत उद्योगों व लोगों के लिए इन सुविधाओं का कोई लाभ नहीं हो रहा है। यहां डामर सडक़ जरूर बनाई गईए लेकिन यह कार्य भी अधूरा होने के कारण वाहन चालकों को इकाइयों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। कई जगहों पर सडक़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बिखर भी गई है।

केवल 30 इकाइयां ही कार्यरत

औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाओं व प्रोत्साहन के अभाव में अब तक नाममात्र की इकाइयां ही चल रही है। बाकि सब भूखंड लंबे समय से खाली पड़े है। लंबे समय से रीको की ओर से आवंटित किए गए भूखंडों पर अभी तक पत्थर की फैक्ट्रियां, पानी का आरओ प्लांटए मिर्च मसाला फैक्ट्री, आटा फैक्ट्री, मूंगफली दाना निकालने की फैक्ट्रीए इमारती लकड़ी के कारखाने व आरा मशीन सहित करीब 30 इकाइयां ही कार्यरत है। मूलभूत सुविधाओं व उद्योग विभाग की प्रोत्साहन की कमी के चलते यहां अन्य औद्योगिक इकाइयां विकसित नहीं हो पा रही है।

उचित देखभाल का अभावरीको क्षेत्र में बनाई गई सडक़ों की गुणवत्ता सही नहीं होने, समय पर रख रखाव व मरम्मत नहीं होने के कारण ये सडक़ें निर्माण के कुछ दिन बाद ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई है। इसी तरह औद्योगिक क्षेत्र में रीको की ओर से लगाई गई अधिकांश सोडियम लाइटें भी बंद पड़ी है और कई लाइटें व विद्युत पोल टूटकर धराशायी हो गए है।

पेयजल की नहीं कोई व्यवस्था

रीको में प्रत्येक औद्योगिक इकाई तक नल कनेक्शन करने के लिए विभाग की ओर से 2022 में 79 लाख रुपए की राशि जलदाय विभाग में जमा करवाई गई थी, लेकिन अभी तक पाइपलाइन लगाने का कार्य शुरू भी नहीं हो पाया है। इस संबंध में इकाई संचालकों की ओर से कई बार जिम्मेदारों को अवगत करवाया गयाए लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सुविधाओं की कमी से परेशान

रीको में वर्षों से सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। सडक़ें क्षतिग्रस्त है और रात में लाइट की व्यवस्था नहीं है। पानी भी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। जबकि अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है।
-गजेन्द्र माली, औद्योगिक इकाई संचालक रीको, पोकरण

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