कोरोना की वजह से करीब एक साल से नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन पर लगी है पाबंदी

तीन सौ से ज्यादा लोगों पर अंधेपन का मंडराया खतरा
-जैसलमेर में और कहीं भी ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं

By: Deepak Vyas

Published: 23 Jan 2021, 09:12 PM IST

जैसलमेर. वैक्सीनेशन के साथ कोरोना महामारी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और अब तो सरकार ने स्कूलों में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के साथ कॉलेज में कक्षाओं के संचालन को भी मंजूरी दे दी है। इसके बावजूद सीमावर्ती जैसलमेर जिले में मोतियाबिंद के नि:शुल्क ऑपरेशन करने वाली जनसेवा समिति के प्रतिमाह आयोजित होने वाले शिविरों पर पाबंदी जारी है। इससे जिले के तीन सौ से ज्यादा लोगों पर अंधेपन का खतरा मंडरा रहा है। आगामी दो माह में उनके नेत्र में मोतिबयाबिंद के ऑपरेशन नहीं किए गए तो कई जने अपनी नेत्र ज्योति शायद हमेशा के लिए खो देंगे। ये वे लोग जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं तथा अन्य शहरों में जाकर निजी चिकित्सा केंद्रों पर ऑपरेशन करवाने की स्थिति में नहीं हैं।
इन्हें सर्वाधिक जरूरत
जानकारी के अनुसार जनसेवा समिति की ओर से जिले के जैसलमेर, रामगढ़, पोकरण, फलसूंड और फतेहगढ़ में प्रति सप्ताह लगाए जाने वाले जांच शिविरों में तीन सौ से ज्यादा लोगों का चिह्निकरण ऑपरेशन के लिए किया जा चुका है। ये वे लोग जिनके आगामी दो माह में ऑपरेशन नहीं हुए तो अंधता के शिकार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि हालांकि राज्यभर में सरकार ने नि:शुल्क नेत्र ऑपरेशन शिविरों के आयोजन को अभी तक मंजूरी नहीं दी है, लेकिन बाड़मेर में बताया जाता है कि वहां के स्थानीय विधायक की पहल पर इसका आगाज हो चुका है। ऐसे में जैसलमेर जिले के जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की तरफ अंधेपन की तरफ बढ़ रहे लोग आस लगाए बैठे हैं।
...और कहीं नहीं सुविधा
सीमांत जैसलमेर जिले में राजकीय जिला अस्पताल सहित अन्य कहीं भी नेत्र ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। जैसलमेर में एकमात्र जनसेवा समिति की ओर से अंधता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पिछले 15 वर्षों से प्रतिमाह की 25 तारीख को शहर के गीता आश्रम चौराहा पर स्थित बिसानी नेत्र चिकित्सा केंद्र पर ऑपरेशन शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। यह संस्था पिछले साल फरवरी तक 160 शिविरों का आयोजन कर चुकी है तथा वहां 16 हजार से ज्यादा लोगों के नि:शुल्क ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इसके साथ जिले भर में सवा लाख लोगों के नेत्रों की जांच संस्था की ओर से आयोजित होने वाले शिविरों में हो चुकी है। कोरोना महामारी के दौर में गत वर्ष मार्च माह से से अंधता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रतिमाह आयोजित होने वाले नेत्र ऑपरेशन को सरकारी आदेशों के बाद बंद करवा दिया गया था। वह रोक अब तक कायम है।

फैैक्ट फाइल .
-11 महीनों से अब तक नहीं लगे शिविर
-300 से ज्यादा मरीजों का ऑपरेशन के लिए रजिस्ट्रेशन
-16 हजार से अधिक ऑपरेशन अब तक हुए

शिविर की मिले अनुमति
देश और प्रदेश की भांति जैसलमेर जिले में कोरोना की रफ्तार अब बहुत धीमी हो चुकी है। इसका वैक्सीनेशन भी प्रभावी ढंग से शुरू हो गया है। ऐसे में संस्था चाहती है कि उसे पूर्व की भांति नि:शुल्क नेत्र ऑपरेशन आयोजित करने की मंजूरी शासन.प्रशासन प्रदान करे। जिससे जरूरतमंदों का समय रहते ऑपरेशन हो सके।
-डॉ. दाऊलाल शर्मा, अध्यक्ष, जनसेवा समिति जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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