सत्तासर में सोलर प्लांट पर किया विरोध प्रदर्शन, रोजगार को लेकर भड़के ग्रामीण

- मुख्य द्वार बंद कर दिया धरना, पुलिस जाब्ता रहा तैनात
- कहासुनी के बीच बढ़ा विवाद, तो पुलिस ने की समझाइश

By: Deepak Vyas

Published: 29 Dec 2020, 07:42 PM IST

पोकरण. क्षेत्र के लवां गांव के पास सत्तासर गांव में लग रहे महिन्द्रा कंपनी के सोलर प्लांट पर सोमवार को सुबह ग्रामीणों ने स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों के दो पक्षों में विवाद बढ़ गया। जिस पर पुलिस ने अतिरिक्त जाब्ता बुलाकर मौके पर शांति करवाई। दोपहर के समय कुछ लोगों के बीच कहासुनी व धक्का मुक्की भी हुई। जिसके बाद फिलहाल विरोध प्रदर्शन स्थगित हो गया। गौरतलब है कि महिन्द्रा कंपनी की ओर से सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। कई महिनों से यहां प्लांट स्थापित करने, सौर ऊर्जा प्लेटें लगाने का कार्य चल रहा है। सोमवार को सुबह भारतीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष यार मोहम्मद गोमट के नेतृत्व में ग्रामीण प्लांट पर पहुंचे। उन्होंने मुख्य द्वार बंद कर दिया और कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने यहां विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा व थानाधिकारी माणकराम विश्रोई के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। उन्होंने यार मोहम्मद व ग्रामीणों से बातचीत व समझाइश की। जिस पर उन्होंने कंपनी केे अधिकारियों को मौके पर बुलाने और बातचीत करने की मांग की।
ये थी प्रमुख मांगे
- मजदूर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष यार मोहम्मद के अनुसार स्थानीय लोगों को कंपनी में रोजगार दिलाने।
- बाहरी ठेकेदारों को कार्य नहीं देकर लोकल ठेकेदारों से कार्य करवाने।
- यहां लगाए गए बाहरी श्रमिकों को हटाने और स्थानीय श्रमिकों को लगाने।
- कंपनी में लगे बाहरी लोगों के वाहन हटाने और स्थानीय लोगों के वाहन लगाने की मांगे प्रमुख थी।
ग्रामीणों के दो पक्ष हुए आमने-सामने
शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे धरने के बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष रऊफखां मेहर अपने समर्थकों व ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्लांट का मुख्य द्वार बंद होने, किसी को प्लांट में प्रवेश नहीं देने और कार्य रुकवा देने का विरोध किया। उन्होंने यहां दिए जा रहे धरने का विरोध करते हुए प्लांट को शुरू करवाने की बात कही। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष मेहर व पुलिस के बीच तनातनी हो गई। पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों के आने तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों ने हो-हल्ला करते हुए बाहर खड़ी बसों व जेसीबी सहित अन्य वाहनों को प्लांट में प्रवेश करवा दिया। जिससे एकबारगी माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस उपाधीक्षक गोदारा व थानाधिकारी विश्रोई ने स्थिति संभालते हुए समझाइश की और ग्रामीणों को शांत करते हुए मुख्य द्वार से दूर कर दिया।
बुलाया अतिरिक्त जाब्ता
माहौल तनावपूर्ण हो जाने और स्थिति तथा कानून एवं शांति व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया। पुलिस उपाधीक्षक गोदारा ने जिला पुलिस अधीक्षक को सूचना दी। जिसके बाद रामदेवरा थानाधिकारी दलपतसिंह चौधरी व लाठी थानाधिकारी अचलाराम ढाका मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। आरएसी का जाब्ता भी यहां तैनात किया गया।
समझोतावार्ता भी रही विफल
हंगामे के बाद पुलिस की ओर से कंपनी के अधिकारियों व ग्रामीणों के दोनों पक्षों बीच समझोतावार्ता का आयोजन किया गया। प्लांट के मैनेजर विवेक की ओर से बातचीत की गई। मजदूर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष यार मोहम्मद ने अपनी मांगे रखी। जिस पर कंपनी केे अधिकारियों ने विचार विमर्श कर निर्णय लेने की बात कही। इसी प्रकार आरएलपी नेता रऊफखां मेहर ने धरने का विरोध करते हुए प्लांट के कार्य का सुचारु संचालन करने, बाहरी लोगों को यहां प्रवेश नहीं देने की मांग की। मांगों पर कोई निर्णय नहीं होने के बाद समझोतावार्ता विफल रही।
धक्का मुक्की के बाद धरना हुआ समाप्त
समझोतावार्ता के बाद पुलिस व ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल भी बाहर आ गए। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को मुख्य द्वार से दूर कर दिया। इस बीच मजदूर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष यार मोहम्मद के साथ कुछ लोगों ने धक्का मुक्की कर दी। जिससे माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हुआ, लेकिन पुलिस ने तत्काल कुछ लोगों को हिरासत में लिया और ग्रामीणों को मौके से रवाना कर शांति व्यवस्था बहाल की। हिरासत में लिए युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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