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इस बार मरु महोत्सव होगा खास, धोरों पर घुलेगी संस्कृति की मिठास

locationजैसलमेरPublished: Feb 05, 2024 08:48:13 pm

Submitted by:

Deepak Vyas

- माटी से जुड़े नामचीन कलाकारों को मिलेगी ज्यादा तवज्जो
- आध्यात्म का रंग भी छाएगा

इस बार महोत्सव होगा खास, धोरों पर घुलेगी संस्कृति की मिठास
इस बार महोत्सव होगा खास, धोरों पर घुलेगी संस्कृति की मिठास

जैसलमेर पर्यटन को परवान चढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले मरु महोत्सव का स्वरूप इस बार विगत वर्षों की तुलना में बदला-बदला होने वाला है। 21 से 24 फरवरी की अवधि में पोकरण और जैसलमेर में आयोजित होने वाले चार दिवसीय मरु महोत्सव के दौरान रेगिस्तान की कला और संस्कृति के साथ आध्यात्म के विविध रंग बिखरे हुए मिलेंगे। वैसे इस बार मरु महोत्सव की थीम भी ‘बैक टू डेजर्ट’ तय की गई है और इसी के अनुरूप रेगिस्तान की मिट्टी से जुड़े कलाकारों व कार्यक्रमों को ज्यादा तवज्जो दिए जाने का निर्णय लिया गया है। चार दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा अब सामने आ चुकी है। इसमें पोकरण में 21 तारीख को होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत वहां के नेपालेश्वर महादेव मंदिर में आरती से होगी तो 22 फरवरी को जैसलमेर के आराध्य लक्ष्मीनाथजी के मंदिर में आरती की जाएगी। साथ ही पोकरण व जैसलमेर में अयोध्या में मंदिर निर्माण के वक्त देशभर में ‘राम आएंगे’ गीत को गूंजाने वाली स्वातिम मिश्रा की प्रस्तुतियां भी रहेंगी। पिछले कुछ आयोजनों के दौरान बॉलीवुड और पंजाबी पॉप का तडक़ा लगाने के सिलसिले में अधिकांशत: बिसरा दिए गए प्रसिद्ध लोक कलाकारों को इस बार ज्यादा अवसर प्रदान किया जाना है। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों को अंतिम रूप दे दिया है।

पोकरण में आध्यात्मिक गाथा

महोत्सव के पहले दिन पोकरण में शाम के समय 6 से 9.30 बजे के दौरान लोहारकी गांव के धोरों का चयन जिस प्रमुख कार्यक्रम के लिए किया गया है, उसका नामकरण स्प्रीचुअल सागा यानी आध्यात्मिक गाथा किया गया है। इसके तहत वहां साधो बैंड, स्वाति मिश्रा के गीत, तेरहताली नृत्य और लोक कलाकारों की तरफ से बाबा रामदेव के भजन पेश किए जाएंगे। पूर्व के वर्षों में पोकरण में रात्रिकालीन कार्यक्रम धूम धड़ाके वाले गाने और नाच पर आधारित होते रहे हैं।

- ऐसे ही जैसलमेर में मरु महोत्सव की शोभायात्रा वर्षों बाद गड़ीसर से शुरू की जा रही है। हालिया वर्षों में अधिकारियों ने इसका सफर कम कर दुर्ग की अखे प्रोल से शहीद पूनमसिंह स्टेडियम तक सीमित कर दिया था।

- उसी दिन शाम को पूनम स्टेडियम में ही पदमश्री से सम्मानित कलाकार अनवर खां बईया और पेपे खां का अभिनंदन समारोह रखा गया है।

- स्टेडियम में पहली शाम संस ऑफ दी सोइल यानी माटी के पुत्र नाम से पूरी तरह से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रहेगी। जिसमें पेपे खां, अनवर खां बईया, स्वाति मिश्रा की प्रस्तुतियां होंगी। स्थानीय बॉलीवुड सेलिब्रिटी बैंड भी प्रस्तुति देगी।

- तीसरे दिन शाम के समय सिटी वाइब्स के नाम से आयोजित कार्यक्रम में घुटना चकरी नृत्य, घेवर खां का कमायचा वादन, गाजी खां बरना के निर्देशन में डेजर्ट सिम्फनी बैंड फ्यूजन शो पेश करेंगे।

- महोत्सव के आखिरी दिन के विविध कार्यक्रम खाभा दुर्ग, कुलधरा गांव, लाणेला के रण, खुहड़ी सेंड ड्यून्स और सम सेंड ड्यून्स क्षेत्र में होंगे। उसी दिन सम में केमल रेस, आइकोन्स ऑफ जैसलमेर का सम्मान होगा।

- अंतिम रात के कार्यक्रम सम क्षेत्र में डीएनपी क्षेत्र से बाहर सॉन्ग्स ऑफ दी सैंड नाम से कार्यक्रम रखा गया है। इसके तहत तगाराम भील, विश्व कीर्तिमानधारी गुलाबो देवी की ओर से कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति होगी।

सेलिब्रिटी से जुटाते रहे हैं भीड़

मरुक्षेत्र की संस्कृति और सभ्यता को बढ़ावा देने और उनसे पूरी दुनिया का परिचय करवाने के लिए आयोजित किए जाने वाले मरु महोत्सवों की कड़ी में विगत कुछ वर्षों में सेलिब्रिटी नाइट के नाम पर बॉलीवुड और पंजाबी पॉप के स्टार्स को बुला कर प्रशासन व पर्यटन विभाग भीड़ जुटाता रहा है। ये सेलिब्रिटी कलाकार आकर्षण के केंद्र भी रहते हैं और भीड़ भी खूब जुटती है लेकिन इससे कहीं न कहीं महोत्सव की आत्मा को ठेस पहुंचती रही है। इस बार लोक संस्कृति और सभ्यता से जुड़े विभिन्न उपादानों को शामिल कर मरु महोत्सव की पुरानी परम्परा को जीवंत करने का प्रयास नजर आ रहा है।

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