कृषि कार्यों में जुटे ग्रामीणों ने नहीं बढ़ाए पोलिंग बूथ की ओर कदम

- मौसम भी बना कारण, दूरस्थ इलाकों में उम्मीद से कम रहा मतदान

By: Deepak Vyas

Published: 24 Nov 2020, 05:50 PM IST

पोकरण/नोख. गांव की सरकार चुनने के दूसरे चरण में सोमवार को क्षेत्र के मतदान केन्द्रों पर जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हुआ। इस दौरान प्रथम चरण में हुए सरपंच व वार्डपंचों के मतदान की तरह मतदाताओं में उत्साह नजर नहीं आया। जिसके कारण इस बार मतदान प्रतिशत भी कम रहा है। गौरतलब है कि पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में सरपंच व वार्डपंचों के चुनाव गत माह संपन्न हुए थे। इस दौरान नोख ग्राम पंचायत क्षेत्र में मतदाताओंं में उत्साह नजर आया। उस समय मतदाताओं का उत्साह चरम पर था तथा गांव की सरकार बनाने के लिए नोख में छह अक्टूबर को हुए मतदान में करीब 90 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। दूसरी तरफ मात्र डेढ़ माह बाद हुए जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के लिए चुनाव में यह आंकड़ा 25 प्रतिशत तक कम हो गया। ऐसे में इन चुनावों में मतदाताओं में उत्साह नजर नहीं आया। नोख के छह मतदान केन्द्रों पर सोमवार को दोपहर तक सन्नाटा पसरा नजर आया। सुबह सात बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन इक्के दुक्के मतदाता ही मतदान केन्द्र पर पहुंचे। ऐसे में यहां सन्नाटा पसरा नजर आया। सर्दी के मौसम में मतदाताओं का उत्साह ठंड होने का आलम इस कदर था कि सुबह 10 बजे तक नोख में 10 व तालरिया में 8.60 प्रतिशत ही मतदान हुआ। हालांकि दोपहर के समय आंकड़ा बढ़ा तथा मतदान केन्द्रों पर कतार भी लगी, लेकिन मात्र डेढ़ माह के अंतराल में हुए दूसरे चरण के चुनाव में मतदाताओं का उत्साह नजर नहीं आया।
खेती ने थामे कदम, मौसम भी बना कारण
वार्डपंच, सरपंच, विधायक के चुनाव इस कदर होते हैै कि मतदाताओं में स्वयं उत्साह नजर आता है। वे स्वयं के स्तर पर वाहनों व अन्य साधनों से मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग करते है। दूसरी तरफ जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए हुए चुनाव में उत्साह नजर नहीं आया। सोमवार को मतदान के दौरान खेत-खलिहान मतदान प्रतिशत में रोड़ा साबित हुए। इन दिनों खेतों में ग्वार की फसल कटाई का कार्य चल रहा है तथा यह कार्य अंतिम चरण में है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। ऐसे में किसानों ने मतदान की बजाय फसल कटाई के कार्य को महत्व दिया। किसान अपने परिवार सहित खेतों में जुटे नजर आए, ताकि चार माह की मेहनत का फल मिल सके। इसी प्रकार इन दिनों सर्दी का मौसम भी चल रहा है। सुबह के समय तापमान में गिरावट होने तथा सर्दी का असर अधिक होने के कारण मतदान केन्द्रों पर भीड़ नजर नहीं आई। हालांकि दोपहर बाद मतदाताओं ने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया।

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