नायब तहसीलदार 6 को रिलीव और 10 अगस्त को बनाया प्रमाण पत्र!

30 जुलाई को अतिरिक्त कार्यभार तहसीलदार जसवंतपुरा को सुपुर्द किया गया, लेकिन अब तक आदेश कागजी, मनमर्जी का है आलम

By: Dharmendra Kumar Ramawat

Published: 15 Aug 2018, 11:32 AM IST

नजीर खान
मोदरा. सरकारी आदेश पर रामसीन उप तहसील के एक नायब तहसीलदार की हठधर्मिता इस कदर हावी है कि उसे रिलीव होने के आदेश जारी होने के 15 दिन बाद भी अब तक सीट का मोह नहीं छूट रहा। मामला इसलिए खास है कि जिला प्रशासन की ओर से इसे रिलिव होने के साथ उप तहसील रामसीन का अतिरिक्त प्रभार जसवंतपुरा तहसीलदार नारायणलाल सुथार को सौंपा गया था, इसके लिए 6 अगस्त को एक आदेश भी जारी हुआ, लेकिन नायब तहसीलदार कल्पेश जैन रिलीव होने के बजाय इसी दिन कार्यालय पर ताला जड़कर निकल गया। इससे जहां एक तरफ यहां पहुंचने वाले ग्रामीणों को परेशानी हुई।वहीं यह पूरा मामला भी अटक गया।
पशोपेश की स्थिति
पूरा मामला पशोपेश में है और यह नायब तहसीलदार अब तक रिलीव नहीं हुआ है और इस अधिकारी ने स्थानांतरण के बाद डांगियावास में पदभार ग्रहण नहीं किया है और रामसीन में ही हठधर्मिता से पद पर जमा हुआ है।
किसका आदेश मानें समझ नहीं आ रहा
अधिकारी द्वारा पदभार नहीं छोडऩे की स्थिति में रामसीन में लिपिकीय कार्य भी प्रभावित हो रहे है।यहां के कार्मिक भी पशोपेश में है कि आखिर अब किस अधिकारी के आदेश माने जाएं।इस हालात में सरकारी कामकाज अटके हुए हैं। वहीं ग्रामीणों को भी कार्यालय में चक्कर काटने को मजबूर है।
10 को जारी किया भूमि प्रमाण पत्र
नायब तहसीलदार को 6 अगस्त को रिलीव होने के आदेश थे, लेकिन अब तक इस आदेश की पालना नहीं हो रही है। इस अधिकारी ने आदेशों को ताक पर रखकर 10 अगस्त को एक भूमि प्रमाण पत्रजारी किया है और इसी तरह एक रजिस्ट्री भी की है।
ग्रामीण पहुंचे ज्ञापन लेकर प्रशासन मौन
पूरे मामले में नायब तहसीलदार की हठधर्मिता के विरोध में रामसीन के ग्रामीण मंगलवार को जिला मुख्यालय पर पहुंचे और इस समस्या को लेकर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि सरकारी आदेश के तहत 10 अगस्त तक रिलीव होने के साथ अपने स्थानांतरित पद पर पदभार ग्रहण करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस दौरान निंबाराम, दिनेश कुमार, गुलाबसिंह, मंगलदास, दूदाराम, आमसिंह व गोपाराम समेत कई जने मौजूद थे।
इनका कहना
नायब तहसीलदार को 6 अगस्त को ही रिलीव होने के आदेश जारी हो चुके हैं। आदेश के तहत उन्हें पदभार छोडऩा था। रिलीव होने के बाद किसी तरह के विभागीय काम भी नहीं किए जा सकते। यदि आदेश नहीं है तो कामकाज नियम विरुद्ध है।
- नारायणलाल सुथार, तहसीलदार, जसंवतपुरा

Dharmendra Kumar Ramawat Reporting
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