शराब की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, 58 शराब तस्कर भेजे गए जेल

कच्ची महुआ शराब सहित देशी, अंग्रेजी शराब की अवैध रूप से बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की कार्रवाई हो रही है।

By: Shiv Singh

Published: 13 Mar 2018, 02:56 PM IST

जांजगीर-चांपा. जिले में अवैध शराब की बाढ़ आ गई है। कच्ची महुआ शराब सहित देशी, अंग्रेजी शराब की अवैध रूप से बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार धरपकड़ की कार्रवाई हो रही है। साल भर के भीतर आबकारी के 1287 प्रकरण बनाए गए हैं। जिसमें 58 लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्हें आबकारी अधिनियम की धारा 34-2 के तहत जेल भी दाखिल किया गया है। इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।

सहायक आयुक्त आबकारी प्रकाश पाल के निर्देशन में आबकारी उडऩदस्ता टीम अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उडऩदस्ता टीम द्वारा धरपकड़ अभियान के तहत एक अप्रैल 2018 से अब तक आबकारी के 1287 प्रकरण बनाए गए हैं। जिसमें 58 लोग ऐसे हैं जिन्हें आबकारी अधिनियम की धारा 34-2 के तहत जेल भी दाखिल किया गया है। इसके बाद भी लोग अवैध शराब की बिक्री करने पीछे नहीं हट रहे हैं।

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शराब तस्करों को यह जानकारी भलीभांति होती है कि वे 5 लीटर से अधिक शराब के साथ पकड़े जाएंगे तो जेल जाना तय है। इसके बाद भी वे शराब बिक्री करना नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत आबकारी टीम ने गांजा, ब्राउन शुगर, पेंटाजोलिन एंपुल्स इंजेक्शन के 52 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जिसमें 16 प्रकरण में फैसला आ गया है। जिसमें आरोपियों को सजा भी मिली है। इसके बाद भी लोगों में जागरूकता नहीं आ रही है।

सजा भी भुगते और अर्थदंड भी पटाए
मौजूदा वित्तीय वर्ष में जिले में अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें 58 प्रकरण में आरोपियों को जेल की हवा खानी पड़ी है। जिसमें आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया है। एक दर्जन प्रकरण ऐसे हैं जिसमें आरोपियों को सजा भी हुई है।

इसमें प्रमुख रूप से बम्हनीडीह थाने के पिपरदा निवासी सुखसागर को सीजेएमएफसी द्वारा दो साल की सजा व 25 हजार रुपए का अर्थदंड दिया गया। इसी तरह बलौदा निवासी जलसराम साव को 15 किलो गांजा रखने पर 8 साल की कैद व 50 हजार रुपए जुर्माना हुआ। ईश्वर नोनिया को ५ किलो गांजा रखने पर 10 साल की कैद हुई। रिश्दा निवासी ईश्वर देवांगन, नवल साहू को भी 4-4 साल की सजा हुई। इसी तरह एक दर्जन मामले में आरोपियों को सजा भुगतनी पड़ी है।

Shiv Singh Desk
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