आर्ट गैलरी में लगी पेंटिंग्स कर रही भविष्य की कहानी, समय पर न जागे तो नहीं मिलेगा पानी

* शिल्प वर्षा आर्ट गैलरी में शुरू, कलाकारों ने रंगो से बयां की अलग-अलग कहानी

डॉ. संदीप उपाध्याय@रायपुर. संस्कृति विभाग में बनी आर्ट गैलरी में तीन दिवसीय शिल्प वर्षा प्रदर्शनी संचालित की जा रही है। इस प्रदर्शनी देश भर के कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स व मार्डन आर्ट का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। इस गैलरी में एक तस्वीर ऐसी भी लगी है जिसमें जिसमें बड़े से मैदान में दो हैंडपंप लगे हैं। दोनों हैंडपंप में पानी की जगह जंग लगी दिख रही है। जिस जमीन पर हैंडपंप लगे हैं उसमें बड़े-बड़े पेड़ों के कटे हुए ठूंठ दिख रहे हैं और जमीन प्यास से जगह-जगह फटी हुई है। इस मैदान के पीछे दूर ढेरों उद्योग व उनकी चिमनियां दिखाई दे रही है। कलाकार इस पेंटिंग के माध्यम भविष्य में होने वाली जल त्रासदी और वायु प्रदूषण दोनों को दिखा रहा है। कलाकार ने रंगों के माध्यम से बता दिया है कि यदि मनुष्य अभी नहीं जागा। उसने पेड़ काटना बंद नहीं किया, उद्योगों से निकलने वाले जहरीले धुएं और उनके द्वारा बड़े पैमाने किए जा रहे जल दोहन को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में मानव जीवन भी संकट में पड़ जाएगा।

मोबाइल रेडिएशन और गौरैया की मौत

एक पेंटिंग में मोबाइल टॉवर से निकले वाले खतरनाक रेडिएशन से हो रही गौरैया चिडिय़ों की मौत को दिखा गया है। पेंटिंग्स में ढेर सारे मोबाइल टावरों और उनसे निकलते रेडिएशन को दिखाया गया है। यह रेडिएशन किस तरह से गौरैया चिडिय़ों को एक-एक कर मार रहा है, उसे दिखाया गया है। यह मार्मिक पेंटिंग भी उसी सोच को दिखा रही है, जिससे पशु पक्षी प्रेमी और सरकार चिंतित है, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हालत यह है कि हर घर में सुबह-सुबह चूं-चूं करने वाली गौरैया आज घरों से गायब हो चुकी है।

रोटी के लिए खतरों की रोजी

गैलरी में एक तस्वीर ऐसी भी लगी है जो कि आज की हकीकत को दिखाती है। तस्वीर में एक बच्ची रोटी को पाने के लिए रस्सी पर चलती हुई दिखाई गई है। कलाकार ने अपनी कलाकृति में बताने की कोशिश की है कि जहां एक तरफ बाल मजदूरी और बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ के नारे लगा जाए रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मासूम बच्चे रोटी के लिए खतरों के बीच चलकर रोजी कमा रहे हैं।

अद्भुत कला देखने के लिए आखिरी एक दिन आज

आर्ट गैलरी में सबसे बड़ी बात यह देखने को मिली कि जितनी मेहनत से 55 माडर्न आर्ट एवं ट्राईबल आर्ट के कलाकारों ने अपनी सोच को रंगों के माध्यम से लोगों के सामने रखने की कोशिश की है उसका प्रतिफल उतना नहीं मिल रहा है। दूसरे दिन यह आर्ट गैलरी पूरी तरह से सूनी सी दिखी। सही मायने में देखा जाए तो यहां आर्ट और रंगों का अद्भुत संगम निशुल्क देखने को मिल रहा है। यह प्रदर्शन बुधवार १९ फरवरी को समाप्त हो जाएगी। शहरवासियों के लिए यह आखिरी मौका है जब वह कलाकारी का अद्भुत नमूना यहां जाकर देख सकते हैं।

sandeep upadhyay Reporting
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