8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

संरक्षित खेती के गुर बताए

  आर्या योजना के तहत प्रशिक्षण शुरू
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

झालावाड़

•

image

Hari Singh Gujar

•

Updated: 22 Nov 2021, 8:14 PM IST

Training started under Arya Yojana

संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए, संरक्षित खेती के गुर बताए

झालावाड़. प्राकृतिक प्रकोप,बे-मौसम बारिश, कीट व्याधि सहित अन्य कारणों से किसानों को रहे नुकसान के बीच अब युवा संरक्षित खेती की ओर रूखकर रहे हैं। जिले के करीब ३० युवा कृषि विज्ञान केन्द्र में संरक्षित खेती का प्रशिक्षण ले रहे हैं। केन्द्र के विषय विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद युनुस ने बताया कि युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने के लिए आर्या परियोजना के तहत 10 दिवसीय संरक्षित खेती का प्रक्षिण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्रभारी एवं उद्यान वैज्ञानिक अरविन्द नागर ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट के तहत् केन्द्र द्वारा संरक्षित खेती पर 10 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन 22 नवम्बर से 1 दिसम्बर तक दिया जाएगा। सोमवार को युवाओं को प्रोटे्र में पौध तैयार करने सहित कई तरह की जानकारी दी गई।

रोजगार परक बनाना है उद्देश्य-
नागर ने बताया कि युवाओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उद्यमशीलता के आधार पर रोजगारपरक बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रोट्रे में बीज को कैसे लगाएं, पॉलीहाऊस, नेटहाऊस एवं लॉ टनल में विभिन्न फसलों की खेती तथा संरक्षित खेती में आने वाली समस्याओं के बारे में सीखाया जा रहा है।


करके सीखों-
मृदा वैज्ञानिक डॉ.सेवाराम रूण्डला ने बताया कि प्रशिक्षण में देख कर विश्वास करो एवं करके सीखो, सिद्धान्त सहित आधुनिक तरीकों से संरक्षित खेती की के बारे में बताया। मृदा एवं जल की जांच के आधार पर ही संरक्षित खेती करने की सलाह दी जाएगी। प्रशिक्षण की शुरूआत में वरिष्ठ अनुसंधान अध्यैता दिनेश चौधरी ने प्रशिक्षणार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया।
प्रोटे्र के कई फायदे-
प्रशिक्षणार्थी गोलू कुमार ने बताया कि हमने पहले दिन प्रोटे्र में पौधो कैसे लगाया जाता है। इसके क्या फायदे है, आदि सीखे।सलोतिया निवासी संदीप दांगी ने बताया कि प्रोट्रे में पौध तैयार करने से किसी प्रकार की बीमारी नहीं आती है, पौधे बड़ा होने से जल्दी ग्रोथ करता है। आनन्दा निवासी विशाल पाटीदार ने बताया कि नर्सरी कैसे तैयार करते हैं, इसके बाद में अच्छे से सीखा है। आगे अभी कई जानकारी इस प्रशिक्षण में लेने के बाद खेतों में प्रयोग करेंगे।