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यहां चमक रही किसानों की किस्मत, बीड़ा प्रोजेक्ट जमीन अधिग्रहण शुरू

सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है। पहले दिन 8 काश्तकारों ने 5 रजिस्ट्री कराई हैं। सारमऊ की 40 एकड़ जमीन के कराए गए बैनामे, हाथों-हाथ किया गया भुगतान।

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Land registry started in Beeda project in Jhansi

झांसी में बीड़ा प्रोजेक्ट में जमीन की रजिस्ट्री शुरू।

झांसी को दुनिया का नम्बर वन औद्योगिक नगर बनाने के लिए गठित बीडा (बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण) का पहला चरण प्रारम्भ हो गया है। सारमऊ की 40 एकड़ जमीन की आज बीडा के पक्ष में रजिस्ट्री हो गयी। देर रात तक 8 किसानों ने 5 रजिस्ट्री कराई। उन्हें हाथों-हाथ भुगतान भी कर दिया गया।


33 गांव की जमीन का हो रहा अधिग्रहण

बीडा के लिए रक्सा के आसपास की: 33 गांव की जमीन अधिगृहीत की जा रही है। इन गांवों में उद्योग लगाने के साथ आबादी की बसावट भी की जाना है। जमीनों का चिह्नांकन कर लिया गया है। ढिकौली, कोटखेरा, सारमऊ, डोमागोर, अम्बाबाय, पुनावली कला, सिमराहा, गेवरा, अमरपुर, बसाई, रमपुरा, परासई, इमलिया, गुढ़ा आदि गांवों में सर्वे होने के बाद वहां की जमीन का गजट प्रकाशित कर आपत्तियां भी मांग ली गई हैं। इनका निस्तारण भी किया जा रहा है। इसके बाद पूरा फोकस जमीन की खरीद पर हो गया, जिसके लिए सारमऊ गांव को सबसे पहले चुना गया। यहां के 800 किसानों की जमीन ली जानी है। पहले सीताराम की जमीन का सबसे पहले बैनामा होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से बृजलाल की जमीन का बैनामा किया गया। शुरुआत में उन जमीनों की रजिस्ट्री हुयी जो निर्विवाद हैं।


सारमऊ पहुंच गई थी टीम

टीम दोपहर में ही सारमऊ पहुंच गई थी, ताकि वहीं से बैनामा की प्रक्रिया पूरी की जा सके, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका। देर शाम सभी चयनित किसानों को पुरानी तहसील स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय लाया गया। यहां बृजलाल, पुष्पा, ज्योति अग्रवाल, अरुण कुमार एवं याकूब अहमद मंसूरी ने अपनी 40 एकड़ जमीन बीडा के पक्ष में कर दी। इसमें 3 किसानों का संयुक्त बैनामा हुआ। इस प्रक्रिया को पूरी कराने में बीडा के विशेष कार्याधिकारी डॉ. लालकृष्ण, सहायक महानिरीक्षक स्टैम्प प्रवीण कुमार, सब रजिस्ट्रार सुभाष चन्द्र, तहसीलदार ललित कुमार पाण्डेय एवं नायब तहसीलदार अवनीश कुमार सहयोग किया।


कर्जदार किसान के केसीसी खाते में जाएगा पैसा

जिन जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसमें कुछ ऐसे भी हैं, जिन पर कृषि ऋण है। ऐसे किसानों का भुगतान उनके किसान क्रेडिट कार्ड वाले बैंक खाते में भेजा जाएगा। इससे ऋण की राशि काटकर बकाया भुगतान किसान को कर दिया जाएगा।


किसानों को मिला चार गुना मुआवजा

बीडा के लिए जमीन का बैनामा करने वाले किसानों को सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा की राशि का भुगतान हाथों-हाथ कर दिया गया। इसके अलावा उन्हें पेड़, नलकूप, कुएं, बोरिंग आदि का भी अलग से मुआवजा दिया गया। कई ऐसे किसान भी हैं, जिनकी जमीन तो सारमऊ में है, लेकिन वह रहते कहीं और हैं। उनसे संपर्क करना भी शुरू कर दिया गया है।


इस दर से मिला

सम्पर्क मार्ग के पास की जमीन के लिए 34 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर। आबादी के पास की जमीन के लिए 40 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर। सामान्य जमीन के लिए 24 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर।