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E-WASTE— शहर से निकला 13 टन ई वेस्ट, पॉल्यूशन बोर्ड ने किया सवा चार लाख रुपए भुगतान

- प्रदेश के चार शहरों से निकला 66 टन ई-वेस्ट- मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही ई-वेस्ट जमा करने के लिए बनेगा स्थाई सेंटर
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जोधपुर

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Amit Dave

Oct 30, 2021

E-WASTE--- शहर से निकला 13 टन ई वेस्ट, पॉल्यूशन बोर्ड ने किया सवा चार लाख रुपए भुगतान

E-WASTE--- शहर से निकला 13 टन ई वेस्ट, पॉल्यूशन बोर्ड ने किया सवा चार लाख रुपए भुगतान

जोधपुर।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पर्यावरण व आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनते जा रहे इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) की चुनौती का सामाना करने के लिए चलाई गई मुहिम रंग लाई। अकेले जोधपुर में 13 टन यानि 13230.67 किलोग्राम ई-वेस्ट एकत्रित किया, इसके बदले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जोधपुर में ई-वेस्ट जमा कराने वाले लोगों को कुल 424594.80 रुपए का भुगतान किया। विभाग की ओर से एकत्रित किए गए ई-वेस्ट का अधिकृत रीसाइयक्लर कम्पनी के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाएगा।
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प्रदेश के चार शहरों में चला मेगा ड्राइव
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से विश्व ई-कचरा दिवस 14 अक्टूबर से ई-वेस्ट एकत्रित करने के लिए एक पहल के रूप में प्रदेश के केवल चार शहरों में चलाया गया। जिसमें जोधपुर के अलावा जयपुर, अलवर व भीलवाड़ा शहरों में क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से मेगा ड्राइव चलाया गया। जहां से करीब 66 टन यानि 66257 किलो ई-वेस्ट एकत्रित किया गया।
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पर्यावरण व आमजन के लिए चुनौती बन रहा ई-वेस्ट
वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक आयटम्स के चलन बहुत बढ़ गया है, जो पर्यावरण व आमजन के स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इन इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के कचरे या इलेक्ट्रॉनिक कचरे को ई-वेस्ट कहते है। आमतौर पर कम्प्यूटर मॉनिटर, मदरबोर्ड, मोबाईल फोन, चार्जर, कॉम्पेक्ट डिस्क, हैडफोन, टेलीविजन सेट, एयर कंडीश्नर, फ्रिज आदि इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद शामिल है। लोग इन्हें खराब या पुरानी होने पर कबाड़ी या घर के कचरे के साथ फेंक देते है। कबाड़ी इनमें से अपने काम की वस्तु निकाल इन्हें अवैज्ञानिक तरीके से जला देते है, जो पर्यावरण के लिए खतरनाक है। जो कई गंभीर बीमारियां को जन्म देती है।
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दस दिवसीय मेगा ड्राइव शहरवासियों ने अच्छी तादाद में ई-वेस्ट जमा कराया, जिनको उत्पाद के बदले निर्धारित राशि भुगतान की गई। शहरवासियों की जागरुकता को देखते हुए मुख्यालय से एक स्थाई ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर बनाने के लिए प्रयास कर रहे है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही यहां ई-वेस्ट के लिए यहां स्थाई सेंटर होगा।
अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल
जोधपुर
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