
Big Problem in Government Hospitals Jodhpur
जोधपुर.
राज्य के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बढ़ रही मरीजों की भीड़ को देखकर यह सवाल लाजिमी है कि आखिर अस्पतालों में यह कतार कब खत्म होगी। मथुरादास माथुर अस्पताल पर मरीजों का खासा दबाव रहता है। यहां औसत 4 हजार मरीजों का ओपीडी रहता है। सुुबह 8 बजे से ही मरीजों की कतार दिखाई दे रही है, जो ओपीडी समाप्त होने तक कतार के हालात रहते हैं। पत्रिका टीम ने शहर के प्रमुख तीनों अस्पताल-एमडीएम, एमजीएच और उम्मेद अस्पताल का जायजा लिया तो हर जगह कतार ही कतार दिखाई दी। पत्रिका टीम को देख कतार में लगे मरीज और उनके परिजनों की पीड़ा छलक पड़ी।
महात्मा गांधी अस्पताल
सुबह 11 बजे महात्मा गांधी अस्पताल की ओपीडी में सैकड़ों मरीज या उनके परिजन चिकित्सक परामर्श पर्ची की एंट्री करवाने के लिए कतार में लगे थे। एक गार्ड चिल्लाते हुए सभी दो अलग-अलग कतार बनाने में लगा था। कतार में लगे लोगों से पूछा तो सुबह से कतार में लगे हैं, दो से तीन घंटे में भी नम्बर नहीं आ रहा है। प्रशासन को काउंटर बढ़ाने चाहिए।
एमडीएम अस्पताल- दवा काउंटर
दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के प्रवेश द्वार एक से मुख्य भवन के सामने दवा काउंटर पर लोग कतार में खड़े थे। लोग बोले, वे दो-तीन घंटे से खड़े तप रहे हैं, लेकिन दवा नहीं मिल रही। बीच स्टाफ वाले व पुलिस वाले आकर व्यवस्था बिगाड़ देते हैं। उन्हें इलाज करवाने के लिए पर्ची से लेकर दवा लेने तक पांच-छह बार कतार में लगना पड़ रहा है।
एमडीएम-ओपीडी
एमडीएम के ओपीडी पर्ची काउंटरों पर दोपहर 1 बजे लम्बी चार कतार लगी थी। अन्दर की तरफ दवा काउंटरों के सामने भी चार कतार लगी थी। कतार में खड़े बुजुर्ग व महिलाओं को चक्कर आ रहे थे। कुछ लोग तो स्कूली बच्चों तक को साथ लेकर आए थे। पास में ही गंदगी पसरी थी। पूछा तो लोगों का दर्द छलक पड़ा। लोग बोले कि अस्पताल प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां मरीजों को नि:शुल्क दवा लेने के लिए भी घंटों तक कतार में खड़ा होना पड़ रहा है।
उम्मेद अस्पताल-11 बजे
एमजीएच व एमडीएम की तरह उम्मेद अस्पताल में पर्ची काउंटर से लेकर दवा काउंटरों पर ऐसे ही हालात थे। लेकिन सुरक्षा गार्ड ने मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी। बोले, पहले अस्पताल अधीक्षक से अनुमति लेकर आएं फिर ही यहां फोटो करें।
Published on:
23 Jul 2018 11:49 pm
