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9 किलोमीटर लम्बी एलिवेटेड रोड की बढ़ी उम्मीदें, जोधपुर शहर के लिए सबसे बड़ा प्रोजेक्ट

- ट्रैफिक से आगे बढ़ जीयो टेक्निकल तक पहुंची एलिवेटेड उम्मीदें- 2 करोड़ का इस वित्तीय वर्ष में सर्वे बजट
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9 किलोमीटर लम्बी एलिवेटेड रोड की बढ़ी उम्मीदें, जोधपुर शहर के लिए सबसे बड़ा प्रोजेक्ट

9 किलोमीटर लम्बी एलिवेटेड रोड की बढ़ी उम्मीदें, जोधपुर शहर के लिए सबसे बड़ा प्रोजेक्ट

अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर के लिए सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक एलिवेटेड रोड की उम्मीदें कुछ आगे बढ़ी है। राज्य सरकार के बजट और अब जेडीए की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल करने के बाद अब ट्रैफिक सर्वे के दायरे को भी यह सडक़ पार कर चुकी है। फिलहाल जीयो टेक्निकल टेस्टिंग स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। करीब साढ़े 9 किलोमीटर लम्बी इस सडक़ पर 80 पॉइंट से सॉइल टेस्टिंग होगी।

राज्य सरकार ने इसी वित्तीय वर्ष में प्री डीपीआर सर्वे के लिए 2 करोड़ का प्रावधान रखा था। कोविड से पहले ट्रैफिक सर्वे शुरू हुआ था। प्रमुख 20 से ज्यादा पॉइंट पर यह सर्वे किया गया। इसमें वाहनों का दबाव, किस रूट से आकर किस ओर वाहन ज्यादा जाते हैं इस पर फोकस किया गया। अब अगली कड़ी में साढ़े किलोमीटर प्रस्तावित सडक़ क्षेत्र में आने वाली मिट्टी व जमीन की जीयो टेक्लिकल टेस्टिंग हो रही है। 80 पॉइंट पर टेस्टिंग होगी, इसमें से 30 स्थानों पर गड्ढा खोद कर दबाव मापा गया है। इससे यह स्पष्ट होगा कि यह जमीन या मिट्टी एलिवेटेड रोड का लोड लेने में सक्षम है या नहीं।

एक नजर में एलिवेटेड रोड
- कृषि मंडी सर्किल से शुरू होकर पावटा, जालोरी गेट, आखलिया और कायलाना तिराहे तक प्रस्तावित
- 9.5 किलोमीटर करीब इसकी लम्बाई
- 20 से ज्यादा पॉइंट पर ट्रैफिक सर्वे पूरा
- 80 पॉइंट पर जीयो टेक्निकल सर्वे जारी
- 2 करोड़ राज्य सरकार ने दिए सर्वे के लिए

सैम्पलिंग व सर्वे में पास होने पर बनेगी डीपीआर 12 सौ करोड़ से ज्यादा का प्रोजेक्ट
प्रारंभिक सर्वे होने के बाद राज्य सरकार अगले फेज डीपीआर पर काम शुरू करेगी। पहले बनी डीपीआर में प्रस्तावित लागत 12 सौ करोड़ से ज्यादा बताई गई थी। अब फिर डीपीआर बनेगी तो लागत बढ़ सकती है।

तीन बार बढ़ी लम्बाई
इस रोड का प्रस्ताव सबसे पहले खेतसिंह बंगला सर्किल से आखलिया सर्किल तक रखा गया था। इसके बाद इसे महामंदिर से आखलिया सर्किल तक किया गया। अब कृषि मंडी सर्किल से कायलाना सर्किल तक किया गया है। साढ़े नौ किलोमीट लम्बी सडक़ पर तीन से चार पॉइंट उतार और चढ़ाव के दिए जा सकते हैं।

डीपीआर पर काम चल रहा
जेडीए के अधिशासी अभियंता घनश्याम पंवार ने बताया कि डीपीआर पर काम जेडीए कर रहा है। जीओ टेक्निकल सर्वे में 30 पॉइंट जांचे जा चुके हैं। जल्द ही इस सर्वे को पूरा कर सरकार को रिपोर्ट भिजवाई जाएगी।

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