नगर निगम जोधपुर के लोगों को स्मार्ट सोच से जोडऩे का कर रही है प्रयास, सर्वेक्षण की होने लगी हैं तैयारियां

नगर निगम जोधपुर के लोगों को स्मार्ट सोच से जोडऩे का कर रही है प्रयास, सर्वेक्षण की होने लगी हैं तैयारियां

Harshwardhan Singh Bhati | Updated: 02 Aug 2019, 02:24:24 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

स्वच्छता सर्वेक्षण अभी छह माह दूर है लेकिन नगर निगम प्रशासन ने स्मार्ट सोच के चलते अभी से उन कमियों को दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं जिनके चलते पिछली बार पिछड़ गए थे। साथ ही आमजन को भी स्मार्ट सोच से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं।

अविनाश केवलिया/जोधपुर. हमारे शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा नहीं मिला लेकिन शहरवासियों की सोच स्मार्ट हो तो उस क्षेत्र में अव्वल हो सकते हैं जिसमें पिछली बार फिसड्डी थे। स्वच्छता सर्वेक्षण अभी छह माह दूर है लेकिन नगर निगम प्रशासन ने स्मार्ट सोच के चलते अभी से उन कमियों को दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं जिनके चलते पिछली बार पिछड़ गए थे। साथ ही आमजन को भी स्मार्ट सोच से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले पिछड़े अब यह स्थिति

1. स्वच्छता एप - स्वच्छता एप डाउनलोड और उस पर समस्या समाधान के बारे में लोगों के फीडबैक को लेकर 100 नम्बर थे।
क्या रही थी स्थिति - इस सेगमेंट में जोधपुर को 30 अंक मिले थे।
अब क्या स्थिति - अभी इतने एप डाउनलोड करवा लिए गए हैं कि 40 नम्बर लिए जा सकते हैं। आगामी दो माह में इसे 100 नम्बर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

2. डोर टू डोर कचरा संग्रहण - शहर के सभी 65 वार्ड में डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने व वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नम्बर निर्धारित थे।
क्या रही थी स्थिति - शत-प्रतिशत वार्ड डोर टू डोर कचरा संग्रहण में कवर नहीं होने पर इस सेगमेंट में जोधपुर को एक भी नम्बर नहीं मिला।
अब क्या स्थिति - 53 वार्ड में डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू कर दी गई है। बचे हुए 12 वार्ड में इसी माह वाहन शुरू कर दिए जाएंगे।

3. फीडबैक व जागरुकता - आमजन से फीडबैक और जागरुकता सेगमेंट में भी नगर निगम पिछड़ गया था।
क्या रही थी स्थिति - निगम जागरुकता के लिए कदम नहीं उठा पाया। सर्वेक्षण टीम ने रेंडम फीडबैक लिया तो उसमें भी पिछड़ गए।
अब क्या स्थिति - इस बार जागरुकता के लिए स्पेशल ड्राइव शुरू की जा रही है। दस्तावेज व फीडबैक के लिए अलग से टीमें बनाई जाएंगी।

जुर्माना नहीं, जागरुकता लाएं

खुले में नहाने पर 300 रुपए, खुले में पेशाब करने पर 200 और खुले में शौच करने पर 500 रुपए, मकान का गंदा पानी सडक़ पर डालने पर 5 हजार और सीवरेज कनेक्शन नहीं लेने पर 5 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। अधिकांशत: कमजोर आर्थिक स्थिति के लोग ही ये कार्य करते हैं। ऐसे में उन पर जुर्माना लगाने से बेहतर है कि उनको ये सुविधाएं दी जाएं और इनका उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाए।

इनका कहना है...

स्वच्छता सर्वेक्षण के जिन बिंदुओं में पिछड़ गए थे उन पर अभी से काम शुरू कर दिया और पिछली बार से अच्छी स्थिति में हैं। जहां तक जुर्माने की बात है तो वह गरीब लोगों से वसूल करने की जगह उन्हें जागरूक करेंगे।
- सुरेशकुमार ओला, आयुक्त, नगर निगम जोधपुर

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