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गजबः इस विशाल विश्वविद्यालय में 25 साल से स्टूडेंट्स को लोक प्रशासन विषय पढ़ा रहे उधारी के शिक्षक

विवि में 1999 में राजनीति विज्ञान विभाग के साथ लोक प्रशासन विभाग बनाया। वर्ष 2005 में उसे अलग विभाग बना दिया गया।
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गजेंद्र सिंह दहिया, जोधपुर। पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण विषय लोक प्रशासन को पढ़ाने के लिए जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पास शिक्षक ही नहीं है। ऐसा दो चार दिन से नहीं वरन् 25 साल से चल रहा है। विवि अपने राजनीति विज्ञान विभाग से शिक्षकों को लोक प्रशासन विभाग में ट्रांसफर करके काम चला रहा है। वर्ष 2013 में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. शरद शेखावत की भर्ती की थी, लेकिन उन्होंने 2019 में इस्तीफा दे दिया।


विवि में 1999 में राजनीति विज्ञान विभाग के साथ लोक प्रशासन विभाग बनाया। वर्ष 2005 में उसे अलग विभाग बना दिया गया। उस समय राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर बीएल फड़िया विभागाध्यक्ष बने। उनके रिटायर होने के बाद राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर बीएल चितलंगी एचओडी बने। उनके बाद 2009 में प्रो. गुलाबसिंह चौहान, 2012 में प्रो. भीमसिंह चौहान, 2015 में प्रो. जगमाल सिंह शेखावत और 2021 में प्रो. मीना बरड़िया एचओडी बनी जो वर्तमान में भी है। ये सभी शिक्षक राजनीति विज्ञान से डेपुटेशन पर भेजे गए। जेएनवीयू जोधपुर के कुलपति प्रो. केएल श्रीवास्तव का कहना है कि हमने सरकार ने 200 शिक्षक भर्ती की अनुमति मांगी थी, जिसमें से 109 को मंजूरी मिली है। शीघ्र ही शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। वहीं जेएनवीयू में वर्ष 2026 तक लगभग सभी अनुभवी शिक्षक रिटायर हो जाएंगे। उस समय 2008 में बैकलॉग् भर्ती से आए शिक्षक और 2013 में हुई शिक्षक भर्ती के शिक्षक ही रहेंगे।


- गृह विज्ञान विभाग में एक भी स्थाई शिक्षक नहीं है। गेस्ट फैकल्टी से विद्वार्थियों को पढ़ाया जा रहा।

- दर्शनशास्त्र विभाग एकमात्र शिक्षक प्रो औतारलाल मीणा के भरोसे है।

- भूविज्ञान विभाग में केवल 2 शिक्षक प्रो. एसआर जाखड़ और डॉ वीरेंद्र परिहार है।

- मनोविज्ञान विभाग के प्रो. एलएन बुनकर के सितम्बर में सेवानिवृत्त होने के बाद केवल 2 शिक्षक डॉ. हेमलता जोशी और डॉ. अर्पिता कक्कड़ बचेंगी।

- फाइट आर्ट विभाग में प्रो रेणु शर्मा के जून में सेवानिवृत्ति के बाद केवल 2 शिक्षक डॉ. नम्रता स्वर्णकार और डॉ. ऋतु जौहरी रहेगी।