10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक दशक बाद लेंगे गुड़ा कंजर्वेशन रिजर्व की सुध

-प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक 19 जून को करेंगे अवलोकन खबर का असर
less than 1 minute read
Google source verification
एक दशक बाद लेंगे गुड़ा कंजर्वेशन रिजर्व की सुध

एक दशक बाद लेंगे गुड़ा कंजर्वेशन रिजर्व की सुध

NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. जिले के गुड़ा क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने के एक दशक बाद पहली बार वन विभाग के शीर्ष अधिकारी क्षेत्र का अवलोकन करने जोधपुर आएंगे। राजस्थान पत्रिका में गुड़ा कंजर्वेशन रिजर्व की समस्याओं को लेकर प्रकाशित समाचारों को वन विभाग के शीर्ष अधिकारी ने गंभीरता से लिया है। राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक एमएल मीना 18 जून को डेजर्ट नेशनल पार्क व रामदेवरा क्षेत्र में गोड़ावण संरक्षण विकास कार्य का अवलोकन कर रात्रि में जोधपुर पहुंचेंगे। दूसरे दिन 19 जून को गुड़ा कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र व माचिया जैविक उद्यान का अवलोकन कर जयपुर रवाना होंगे।

कंजर्वेशन की 231.87 हेक्टेयर भूमि से मिल सकेगी वन्यजीवों को राहत
जोधपुर जिले के गुड़ा क्षेत्र के काले हरिणों और चिंकारों के अलावा शीतकालीन प्रवासी पक्षियों के आगमन और प्राणी शास्त्रीय महत्व को देखते हुए तत्कालीन राज्य सरकार ने 15 दिसम्बर 2011 को गुड़ा कंजर्वेशन रिजर्व की घोषणा की थी। लेकिन एक दशक बीतने के बाद भी अभी तक कुल 231.87 हेक्टेयर भूमि का टाइटल वनविभाग के नाम दर्ज नहीं होने के कारण कंजर्वेशन भूमि पर विकास कार्य और उचित वन्यजीव प्रबंधन गतिविधियों का संचालन ठप पड़ा है। काले हरिण बहुल क्षेत्र में कंजर्वेशन रिजर्व घोषित होने के बाद वन्यजीवों के लिए स्थाई रूप से चारे पानी तक का इंतजाम नहीं हो पाया है और ना ही कंजर्वेशन की मूल भावना अनुरूप क्षेत्र में चारागाह विकास तक नहीं हो पाए है।