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दो पत्नी और चार बच्चों के चलते बन गया अपराधी, फेरीवाले ने साथियों के साथ मिलकर बैंक लूटी

दिनदहाड़े लूट की वारदात को दिया था अंजाम, दो दिन के अंदर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, तीसरा फरार

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दो पत्नी और चार बच्चों के चलते बन गया अपराधी, फेरीवाले ने साथियों के साथ मिलकर बैंक लूटी

कानपुर। पिता उसे पढ़ा लिखा कर अफसर बनाना चाहते थे, पर उसे ककहरा समझ में नहीं आया। कक्षा आठवीं के बाद पिता ने कॉपर-किताबों की जगह साइकिल थमा फेरी का काम सौंप दिया। गांव, गली मोहल्लों में जाकर कपड़े बेंचकर जो कमता उससे परिवार का पेट भरता। पिता ने शादी कर दी और दो बच्चों को मुकेश पिता बन गया। कानपुर के लकड़ीमंडी स्थित पकड़े खरीदने के लिए आया और यहां उसकी मुलाकात एक युवती से हो गई। दोनों ने अपने-अपने मोबाइल नंबर एक-दूसरे को दिए। फोन के जरिए बात होने लगी और फिर युवती ने शादी का प्रस्ताव रख दिया। पत्नी होने के बाद मुकेश नौबस्ता आ गया और युवती के साथ सात फेरे ले लिए। कुछ साल बाद दूसरी पत्नी के दो बच्चे हो गए। खर्च बढ़ गया तो फेरीवाला मुकेश आयाराम-गयाराम की दुनिया में कदम रख दिया। आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों को मिला कर ग्रामीण बैंक में दिनदहाड़े धावा बोल दिया और लूटपाट करने के बाद मौके से फरार हो गए।
एसएसपी ने घोषित किया था इनाम
लूट की वारदात के पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस वारदात ने जरायम की दुनिया का एक और नायाब राज खोल दिया है। बैंक डकैती डालने के बाद लुटेरे मौका ए वारदात से दूर भागने की बजाय आसपास ही छिप गए, जबकि पुलिस उन्हें पकड़ने के लिये शहर की सीमाओं को सील करती फिरी। आईजी जोन आलोक सिंह की क्राइम ब्रान्च के अलावा एसएसपी अखिलेश मीणा ने अपने तेज-तर्राक पुलिस अफसरों को इस कांड का खुलासा करने के लिए लगाया। साथ ही आरोपियों पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस की कई टीमें लुटेरों को पकड़ने के लिए लग गई। और शनिवार की देररात दो लुटेरे पुलिस के हत्थे लग गए और बैंक लूटकांड का एसएसपी ने खुलासा कर दिया। एसएसपी ने बताया कि आनंद विहार नौबस्ता निवासी मुकेश इस लूटकांड का मास्टर माइंड है। जबकि इसका साथ दादानगर निवासी विक्सन मैकलीन उर्फ डॉक्टर और अकबरपुर निवासी राजकुमार ने दिया था। तीनों बाइक के जरिए आए और लूट की वारदात के बाद बैंक के पास छिप गए।
चार लाख रूपए लूट ले गए थे
शुक्रवार दोपहर दो बजे तीन नकाबपोश बदमाशों ने नौबस्ता इलाके में बैंक में धावा बोला था। छह बम फोड़कर दहशत फैलाई और कैश काउण्टर पर मौजूद साढे चार लाख लेकर भाग निकले। लुटेरों के भागते वक्त कुछ लोगों ने मोबाईल फोन पर उनका वीडियो बना लिया और पुलिस को मुहैया करा दिया। पुलिस ने शहर भर के थानों को एलर्ट किया और लुटेरों की तस्वीरें सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर वायरल करा दी। पुलिस को उम्मीद थी कि इससे लुटेरों को पकड़ने में आसानी होगी। लेकिन जरायम की दुनिया अब नयी जुगते भिड़ाने लगी है। लूट के मास्टर माइण्ड ने अबकी बार अपने गिरोह में एक ऐसे नये सदस्य को शामिल किया जो बैंक के पास ही रहता था। बैंक लूटने के बाद सभी लुटेरे उसके घर जा छिपे, वहीं उन्होने अपना हुलिया बदला और फिर आटो रिक्शा में बैठकर निकल गये। जबकि पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर बाईक सवार तीन लुटेरों को शहर की सीमाओं को सील करके तलाशती रही।

कुछ इस तरह दी वारदात को अंजाम
आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ के दौरान बताया कि म ुकेश के घर से डेढ़ किमी की दूरी पर बैंक है। उसने आने-जाने के दौरान देखा कि बैंक में कोई सुरक्षाकर्मी र्तैनात नहीं है। इसके बाद मुकेश ने कईबार अंदर जाकर रेकी की तो देखा कि सुरक्षा के कोई इंमजाम नहीं है। इसके बाद तीनों ने करीब एक माह के बाद लूट से पहले शराब पी और दिनदहाड़े बैंक में बम फोड़कर लूटपाट की। पुलिस की मानें तो आरोपियों ने मुकेश के घर में सुतली बम तैयार किया था। लूट के दौरान मुकेश ने बैंक में तोबड़तोड़ बमबाजी करके दहशत फैलाई थी। राजकुमार ने कैष काउंटर से नकदी बैग में भरी थी। जबकि बाहर तमंचे लिए खड़ा विल्सन खड़ा था। वारदात को अंजाम देने के बाद विल्सन बाइक गेट के पास लाया ओर तीनों फरार हो गए।
हमीरपुर का रहने वाला है मुकेश
लूट का मास्टरमाइंड मुकेश मूलरूप से हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे वार्ड संख्या चार का रहने वाला है। मुकेश ने पुलिस को बताया कि पहली पत्नी होने के बादवजूद उसने दूसरी शादी कर ली। जिसके चलते दो पत्नियों के साथ ही चार बच्चों को खर्चे के लिए पैसे की कमी बनी रहती थी। दोनों पत्नियां आएदिन अपशब्द कहती तो इसी से छुटकारा पाने के लिए नौबस्ता स्थित बाइन शॉप में शराब पीने के वक्त विक्सन उर्फ डॉक्टर से मुलाकात हुई। हम दोनों दोस्त बन गए और फिर छोटी-मोटी चोरी की वारदातें करने लगे। इसी दौरान सरेंडर चोरी के आरोप में पुलिस ने मुझे जेल भेजा और वहां मेरी मुलाकात राजकुमार से हो गई। जमानत के बाद हम तीनों ने गयाराम की दुनिया मे कदम बड़ा दिए। पुलिस की मानें तो तीनों आरोपियों ने बर्रा स्थित एसबीआई शाखा के अलावा उरई स्थित बैंक में लूटपाट की थी।