
कैलादेवी मंदिर की सूनी सीढिय़ां।
कैलादेवी. मंदिरों के सहारे आजीविका चलाने वाले लोग कोरोना की मार के कारण दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहे हैं। कोरोना में मंदिर के पट बंद होने के कारण कैलादेवी मंदिर में पूजा सामग्री, प्रसाद आदि से जुड़़े दुकानदारों का व्यवसाय चौपट हो गया है। पिछले दो साल से व्यवसाय चौपट चल रहा है। हालत ये है कि व्यवसायी पलायन करने को मजबूर हैं।
कोरोना से छाई वीरान
कैलादेवी मंदिर हमेशा चौबीस घंटे श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार रहता था, लेकिन पिछले दो साल से तो वीरानी से छाई है। दुकानें बंद पड़ी है। मंदिर के पट बंद है। दुकानदारों को लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है। दुकानदारों ने बताया कि कैलादेवी के मेले में अच्छी आमदनी हो जाती थी, लेकिन दो साल से तो मेला भी नहीं भर रहा है। व्यवसाय के लिए कई दुकानदारों ने कर्जा ले रखा है। जिसको चुकाना भी भारी पड़ रहा है। ब्रह्मा गोयल सहित अन्य ने बताया कि प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है।
होटल-धर्मशालाओं की उड़ी रंगत
कैलादेवी में कई होटल-धर्मशालाएं हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही रहने पर होटल-धर्मशाला हमेश सजी संवरी नजर आती थी, लेकिन कोरेाना का ऐसा ग्रहण लगा है कि होटलों की रंगत ही उड़ गई है। होटलों में काम करने वाले कर्मचारी, बिजली बिल सहित अन्य खर्चों को चुकाना होटल संचालकों पर भारी पड़ रहा है।
आर्थिक मदद मिले तो सुधरे हालत
दुकानदारों का कहना है कि व्यवसाय चौपट होने से आर्थिक हालत खराब हो गई है। सरकार से यदि मदद मिल जाए तो हालत सुधर सकती है। सर्व समाज सेवा समिति के सदस्य ब्रह्मा गोयल, पप्पू जादौसंकत, किरोडी भगत, जीतू बना, प्रमोद जाटव, शैलेश मटोली, ब्रह्मानंद शर्मा आदि ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है।
Updated on:
31 May 2021 08:08 pm
Published on:
31 May 2021 08:08 pm
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