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बाल टॉयलेट ऐसे कि बच्चों को दे रहे स्वच्छता की शिक्षा, महिला बाल विकास व जिला पंचायत की पहल ला रही रंग

महिला बाल विकास विभाग और जिला पंचायत द्वारा स्वच्छता को लेकर जिले में खास पहल शुरू की गई थी, जो अब मूर्त रूप लेने जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की आंगनवाडिय़ों में बॉल टायलेट निर्माण कराए जाने का निर्णय लिया गया था। जिले की 266 आंगनवाड़ी केंद्रों में बाल टॉयलेट का निर्माण कराया जाना था। जिसमें से 194 बाल टॉयलेट का निर्माण पूरा हो गया है

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 02, 2019

ajmer

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कटनी. महिला बाल विकास विभाग और जिला पंचायत द्वारा स्वच्छता को लेकर जिले में खास पहल शुरू की गई थी, जो अब मूर्त रूप लेने जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की आंगनवाडिय़ों में बॉल टायलेट निर्माण कराए जाने का निर्णय लिया गया था। जिले की 266 आंगनवाड़ी केंद्रों में बाल टॉयलेट का निर्माण कराया जाना था। जिसमें से 194 बाल टॉयलेट का निर्माण पूरा हो गया है, 63 अभी अंतिम दौर में हैं। वहीं 9 प्रसाधन शुरू भी कर दिया गया है। इसके लिए प्रति टॉयलेट 12 हजार रुपये के मान से 31 लाख 92 हजार रुपये जिला पंचायत को जारी कर दिए थे, जिससे निर्माण कार्य एक माह के अंदर कराया गया। बड़वारा में 21, बहोरीबंद में 47, ढीमरखेड़ा में 38, कटनी 34, रीठी 39, विजयराघवगढ़ में 15 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

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हाथ धुलाई की भी व्यवस्था
खास बात यह है कि इसमें बच्चों के लिए अलग से वॉश बेसिन बनाया गया है, ताकि बच्चे निस्तार के बाद, खाना खाने से पहले सहित अन्य काम से पहले हाथ धुलना खेल-खेल में सीख सकें। इसमें सीट बच्चों वाली लगाई गई ताकि प्रयोग में बच्चों को सुविधा हो। इसके अलावा दरवाजा कम ऊंचाई का है, ताकि बच्चे को कोई परेशानी न हो।

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बच्चों के लिए खास हैं टॉयलेट
खास बात यह है कि इन बॉल टायलटों को खासढंग से बनाया गया है। टॉयलेटों में अच्छी चित्रकारी की गई है, ताकि बच्चे खेल-खेल में स्वच्छता को समझ सकें और इसे जीवन में उतारें। यदि बच्चे बचपन से ही स्वच्छता के महत्व को जानने लेंगे तो फिर वे आगे चलकर भी स्वच्छता में आगे रहेंगे। अब इस तरह से अन्य आंगनवाडिय़ों में भी पहल की जाएगी।

इनका कहना है
266 में से 194 बाल टॉयलेट तैयार हो गए हैं। शेष का एक सप्ताह के अंदर निर्माण हो जाएगा। बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते निर्माण हुआ है, ताकि बचपन से बच्चों में आदत डाली जा सके।
जगदीश चंद्र गोमे, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी।