डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए अब आशाओं का सहारा

-आशा कार्यकर्ताओं को दिया संभागीय कीट वैज्ञानिक ने प्रशिक्षण
-मलेरिया विभाग और निगम का संयुक्त अभियान भी जारी, किया लार्वा का सर्वे

खंडवा.
कोरोना काल में पैर पसार रहे डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए अब स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कार्यकर्ताओं का सहारा मलेरिया विभाग लेगा। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से डेंगू और मलेरिया के लक्षण, बचाव की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को मलेरिया विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को एक कार्यशाला में इंदौर से आए कीट विज्ञानी डॉ. सीएस शर्मा द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, निगम के स्वास्थ्य अमले द्वारा कई वार्डों में लार्वा सर्वे कर दवाई का छिड़काव भी कराया गया।
संभागीय कीट विज्ञानी डॉ. शर्मा द्वारा डेंगू और मलेरिया के बारे में आशा कार्यकर्ताओं को विस्तार से बताया गया। डॉ. शर्मा ने बताया मच्छरों के काटने से डेंगू व मलेरिया रोग हो सकता है। इसके मुख्य लक्षण है तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, जोडों में दर्द एवं मांसपेशियों में दर्द होता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत मरीज की सरकारी अस्पताल में खून की जांच नि:शुल्क करवाएं। उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है व दिन के समय में काटता है। डॉ. शर्मा ने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घरों में संपर्क के समय इन बातों की जानकारी जरूर दें। साथ ही घर में पानी की टंकियों की नियमिति रूप से साफ सफाई करने,
उसे ढक कर रखने, कूलर आदि को भी साफ करने की सलाह दी जाए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनीषा जुनेजा ने बताया कि डेंगू का प्रकोप अभी शहरी क्षेत्र में ही देखा जा रहा है। डेंगू की रोकथाम के लिए आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर इस रोग से बचाव की जानकारी देंगी। डेंगू के लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में ही जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा। डॉ. मनीषा जुनेजा ने बताया कि निजी लैब में कराई जांच को शासन मान्य नहीं करेगा। इसके लिए अब निजी लैब संचालकों को जल्द ही इस मामले में नोटिस जारी किया जाएगा।

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मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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