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MP Election 2023: पंधाना विधान सभा सीट पर 78.01 फीसदी मतदान, 3 दिसंबर को दिखेगा दिलचस्प मुकाबला

शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव संपन्न हो गया। प्रदेश की पंधाना विधान सभा सीट पर 78.01 फीसदी मतदान हुआ है। पंधाना सीट पर इस बार बीजेपी छाया मोरे को मैदान में उतारा तो, कांग्रेस ने रुपाली बारे को टिकट दिया...

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शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव संपन्न हो गया। प्रदेश की पंधाना विधान सभा सीट पर 78.01 फीसदी मतदान हुआ है। मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ विधान सभा सीटें नेताओं की वजह से जानी जाती हैं तो कुछ सीटों की पहचान उनके परिणाम से है। प्रदेश की एसी ही अहम सीटों में से एक है पंधाना सीट। यहां सालों से बीजेपी का दबदबा रहा है। यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित है, लेकिन कोई भी विधायक यहां दूसरी बार चुनाव नहीं जीत सका। पंधाना सीट से जनसंघ के समय किशोरीलाल वर्मा शिक्षा मंत्री रहे। तो, दिग्विजय सिंह की कांग्रेस सरकार में हीरालाल सिलावट मछली पालन मंत्री रहे थे। साल 2018 में बीजेपी के युवा इंजीनियर राम दांगोरे ने कांग्रेस की प्रत्याशी छाया मोरे को करीब 23 हजार से ज्यादा वोटों हराया था। यही छाया मोरे वर्तमान में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर चुकी हैं। वहीं इस बार पंधाना सीट से छाया मोरे को मैदान में उतारा है तो, कांग्रेस ने रुपाली बारे को टिकट दिया है।

कितने वोटर
2018 के चुनाव पर नजर डालें तो पंधाना विधानसभा सीट पर वोटर्स की संख्या 2,42,076 थी जिसमें 1,25,842 पुरुष वोटर्स और 1,16,231 महिला वोटर्स शामिल थे। इनमें से 82.2% यानी 1,93,462 लोगों ने वोट डाले। पंधाना सीट पर 5,477 लोगों ने नोटा को वोट दिया था। तब चुनाव मैदान में कुल 8 उम्मीदवार थे। इनमें मुख्य मुकाबला बीजेपी के राम डोंगरे और कांग्रेस की छाया मोरे के बीच था। डोंगरे को 91,844 वोट मिले तो, मोरे को 68,094 वोट मिले थे। पंधाना सीट पर कुल 2 लाख 75 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। इस सीट पर जातिगत समीकरण काफी अहम है। यहां भील समाज के 45 हजार मतदाता हैं। वहीं अनुसूचित जाति के 40 हजार मतदाता हैं।

राजनीतिक इतिहास
फिलहाल इस पंधाना सीट पर बीजेपी का कब्जा है। बीते तीन चुनावों से इस सीट पर बीजेपी को जीत हासिल हुई है। कांग्रेस को आखिरी बार इस सीट पर जीत 1998 में मिली थी। लेकिन उसके बाद बीजेपी को पिछले तीन चुनावों में जीत मिली है। 2013 के चुनाव में बीजेपी की योगिता नवलसिंह ने चुनाव जीता था। यह सीट बीजेपी के दबदबे वाली सीट है। लेकिन खास बात यह है कि यहां से कोई विधायक रिपीट नहीं हुआ है।

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