गांधी भवन का मामला पहुंचा थाने, अतिक्रमणकारी पर एफआईआर

-दिनभर चला गहमा-गहमी का दौर, शाम में प्रशासन हुआ सक्रिय
-कांग्रेस अध्यक्षों पर आरोप लगाने वाले की दुकान को हटाया गांधी भवन से
-स्टेशन रोड पर अतिक्रमणकारियों को दी चेतावनी, दो के ओटले तोड़े

खंडवा. कांग्रेस के गांधी भवन परिसर में वर्षों से जमे अतिक्रमणकारियों पर आखिरकार प्रशासन का पंजा चल ही गया। दो दिन से चल रहे विवाद के बाद सोमवार को कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने रुपए मांगने का आरोप लगाने वाले दुकानदार पर एफआईआर दर्ज करा दी। वहीं, कांग्रेस अध्यक्षों की शिकायत के बाद शाम को प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और गांधी भवन परिसर के बाहर लगे ठेले हटवाते हुए, परिसर के अंदर की एक दुकान को जेसीबी से हटवाया गया। साथ ही प्रशासन द्वारा स्टेशन रोड पर अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए दो दुकानदारों के नालियों पर बने ओटले भी तुड़वाए गए।
गांधी भवन ट्रस्ट और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अध्यक्ष ग्रामीण ओंकार पटेल व शहर अध्यक्ष ठा. इंदलसिंह पंवार ने 12 फरवरी को गांधी भवन के बाहर और अंदर जमे अतिक्रमण हटाने के लिए कलेक्टर, एसपी को आवेदन दिया था। शनिवार को नगर निगम का अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो कांगे्रस नेताओं में दो फाड़ नजर आई। अतिक्रमण हटाने और बचाने को लेकर कांग्रेस नेता आपस में ही भिड़ गए। जिसके बाद नगर निगम के अमले का वापस लौटना पड़ा। वहीं, रविवार को गांधी भवन के किरायेदार सुनील यादव ने परिसर में दुकान रखने के नाम पर कांग्रेस अध्यक्षों पर मासिक वसूली और दो-दो लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया था।
यादव पर रास्ता रोकने, मानहानि करने का केस दर्ज
दो दिन से चल रहे नाटकीय घटनाक्रम के बाद सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष शहर और ग्रामीण खुलकर मैदान में आ गए। सुबह से ही अतिक्रमण हटवाने के लिए कांग्रेस अध्यक्षों ने प्रयास शुरू कर दिए। दिनभर गांधी भवन में गहमा गहमी सी स्थिति बनी रही। शाम 4 बजे ग्रामीण अध्यक्ष ओंकार पटेल, शहर अध्यक्ष इंदलसिंह पंवार और कांग्रेस कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे। यहां ओंकार पटेल ने रुपए मांगने का आरोप लगाने वाले सुनील यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने सुनील यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 341 और 500 (मानहानि करने) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
एडीएम, एसडीएम ने संभाली कमान
सुनील यादव द्वारा कांग्रेस अध्यक्षों पर आरोप लगाने के साथ ही पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और कृषि मंत्री सचिन यादव का भी नाम लिया था। जिसके बाद कांग्रेस की राजनीति गर्मा गई। हाईकमान को हुई शिकायत के बाद उपर से आदेश मिलते ही प्रशासन का अमला अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पर उतरा। शाम 5 बजे एडीएम नंदा भलावे कुशरे, एसडीएम संजीव केशव पांडेय, तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या, सीएसपी ललित गठरे, टीआई बीएल मंडलोई, नगर निगम का अमला गांधी भवन पहुंचा। यहां बाहर लगे ठेले को हटवाते हुए अमले ने सीधे सुनील यादव की दुकान सांची पाइंट पर कार्रवाई शुरू की। यहां दुकान में रखा सामान जब्त कर जेसीबी से टप को तोड़ा गया।
गुंडा लिस्ट में शामिल यादव
टीआई बीएल मंडलोई ने बताया कि सुनील यादव थाने की गुंडा लिस्ट में शामिल है और उसके खिलाफ कई केस दर्ज है। मामले मेें पुलिस संभवत: उस पर जिलाबदर की कार्रवाई भी प्रस्तावित कर सकती है। बताया जा रहा है कि सुनील यादव पूर्व में कांग्रेस का कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी रह चुका है। इस मामले में कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष ओंकार पटेल ने बताया कि पिछले 9 साल से वे अध्यक्ष हैं, लेकिन उनके सामने इसने कभी सदस्यता नहीं ली। कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में भी नहीं आया। सुनील यादव कभी कांग्रेस का कार्यकर्ता नहीं रहा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सुनील यादव को 250 रुपए मासिक किराये पर दुकान तत्कालीन समय में दी गई थी। उसने दुकान को 15 हजार रुपए मासिक किराये पर दे रखी थी।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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