कलचुरी कलाल समाज का फरमान, इस दिन न करें शादी वरना भुगतनी होगी सजा

कलचुरी कलाल समाज का फरमान

By: deepak deewan

Updated: 18 Feb 2020, 12:08 PM IST

खरगोन. समवर्गीय कलचुरी कलाल समाज में सुधारों की कोशिश की जा रही है। सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए समाज के लोग आगे आ रहे हैं। इसके लिए सबसे ज्यादा जोर सामूहिक विवाहों पर दिया जा रहा है। सामाजिक लोगों का मानना है कि शादियों में लाखों रुपए कर्ज करना पड़ता है जिसमें कई लोग जीवनभर के लिए कर्जदान बन जाते हैं। यह खर्च बचाने के लिए सामूहिक विवाह सम्मेलन जरूरी हैं।


समाज ने अक्षय तृतीया के मौके पर सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत आयोजन समिति का गठन भी किया गया। गायत्री मंदिर में समाजजनों की बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से बिहारीलाल मालवीया को अध्यक्ष, रघुनंदन मालवीया को सचिव एवं कन्हैयालाल मालवीया को कोषाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया। अध्यक्ष बिहारी लाल मालवीया ने समाजजनों से आग्रह किया कि जो लोग सामूहिक विवाह में कन्यादान की घोषणा करते हैं, वह समिति को भी सहयोग करें। शीघ्र ही आयोजन समिति के माध्यम से सामूहिक सम्मेलन के लिए छोटी-छोटी समितियों का भी गठन किया जाएगा। भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी उठाने वाले समाज के भामाशाह लक्ष्मीनारायण मालवीया का भी सम्मान किया गया। बैठक में प्रमुख रूप से जगदीश जायसवाल, बनवारीलाल जायसवाल, राहुल जायसवाल, महेश मालवीया, रमेश मालवीया, राजेश मालवीया, गोविंद मालवीया, कैलाश मालवीया, गंगाधर मालवीया, संतोष मालवीया, गड़बड़लाल मालवीया, चमन मालवीया, डॉ. मनोज मालवीया, विजय मालवीया, पंकज वर्मा, प्रभुराम मालवीया आदि समाजजन उपस्थित थे।


इस दिन घर में न करें शादी वरना भुगतनी होगी सजा
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय भी लिया गया सम्मेलन तिथि 26 अप्रैल को जिले में घर से एकल विवाह पर प्रतिबंध रहेगा। यानि समाज में कोई भी व्यक्ति घर से बेटा-बेटी की शादी नहीं करेगा बल्कि सामूहिक विवाह में शामिल होंगे। यदि कोई ऐसा करता है तो 21000 का अर्थदंड रहेगा।

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