श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम 18 से

श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम  18 से

Vanita Jharkhandi | Publish: Mar, 14 2018 08:44:04 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

- हिन्दू नववर्ष, नवरात्र, गुड़ी पड़वा, चैती छठ व रामनवमी की रहेगी धूम

 


- महानगर में उत्सवमय व भक्तिमय होंगे दिन

कोलकाता हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2075 की शुरुआत 18 मार्च से होगी। इसके साथ ही महानगर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम होगा। देवी दुर्गा की आराधना, गुड़ी पड़वा, हिन्दुओं और सिंधियों का नव वर्ष, चैती छठ के साथ ही रामनवमी को लेकर भक्ति का माहौल रहेगा। नया संवत्सर वि.सं. 2075 के संदेश का आदान-प्रदान होगा। घरों में आम के पल्लव से तोरण सजाए जाएंगे। चैत्र महीने की नवरात्र 18 मार्च से आरम्भ होगी। पहले दिन कलश की स्थापना के साथ ही देवी पाठ, राम कथा, सुन्दर काण्ड का सामूहिक पाठ के साथ भजन कीर्तन का दौर भी आरम्भ होगा। नववर्ष संवत्सर वि.सं. 2075 मनाया जाएगा। आयोजनों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राम मंदिर व दुर्गा मंदिरों को सजाने और संवारने का काम चल रहा है। उपवास का दौर भी चलेगा।
गुड़ी पड़वा

महानगर में रहने वाले महाराष्ट्र के लोग 18 मार्च को गुड़ी पड़वा के साथ ही नववर्ष मनाऐंगे। बड़ी संख्या में महाराष्ट्र के लोग कोलकाता ही नहीं पूरे राज्य में फैले हुए हैं। वे परम्परागत तरीके से गुड़ी पड़वा मनाएंगे। जिसमें पूरणपोई के साथ ही रंगोली, सजावट व नए कपड़े पहने के साथ नववर्ष की बधाई का दौर चलेगा। बहुत से आवासन में सामूहिक रूप से इस त्योहार को लोग सबके साथ मिलकर मनाएंगे। बड़ी संख्या में अन्य भाषा-भाषी लोग शामिल होंगे।
19 को चैती चांद

सिंधी समुदाय के लोग भगवान झुलेलाल के जन्मोत्सव के साथ ही सिंधी नव वर्ष मनाएंगे। इसके लिए महानगर की सिंधी पंचायत की ओर से 18 मार्च को रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया है। जिसमें महानगर ही नहीं आस-पास में रहने वाले सिंधी समुदाय के लोग अपना नव वर्ष को खुशी के साथ मनाते दिखाई पड़ेंगे।
चैती छठ 21 से

चैती छठ के महात्म को भला कौन नहीं जानता है। नहाय खाय के साथ 21 मार्च से चैती छठ शुरू होगा। इसके बाद ही सूर्य की उपासना का दौर आरम्भ होगा।

25 को राम नवमी
राम जन्मोत्सव 25 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसदिन आराध्य राम की उपासना, पूजन और रामकथा के पाठ पूरे महानगर के मंदिरों व घरों में गूंजेंगे। संगठनों व सामाजिक संस्थाओं की ओर से पूरे नौ दिनों तक राम कथा का आयोजन किया जा रहा है।

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कब कौन पर्व

18 मार्च से चैत्र नवरात्र
18 गुड़ी पड़वा

19 चैती चांद (सिंधी नववर्ष)

21 से चैती छठ
25 मार्च को रामनवमी

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