राजस्थान की वृद्धा का महातीर्थ 'गंगासागर' का सपना रह गया अधूरा, क्योंकि...

- सनातन धर्म को मानने वालों में गंगासागर का बड़ा महत्तव है। इसे महातीर्थ मानते हैं। यहां तक कि यह भी कहावत है कि सब तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार। ऐसे में महातीर्थ को पूरा करने 81 वर्ष की उम्र में राजस्थान से बंगाल पहुंची एक वृद्धा चाहकर भी अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पाई। सागर इतने करीब पहुंचकर भी उनका पुण्यस्नान का सपना अधूरा रह गया।

By: Jyoti Dubey

Published: 06 Jan 2020, 06:16 PM IST

कोलकाता. जिंदगी के आखिरी पलों में महातीर्थ(गंगासागर) नहाने की इच्छा लिए राजस्थान सेे कोलकाता पहुंची एक पुण्यार्थी के अकास्मिक मौत का मामला सामने आया है। मृतका का नाम सरोज शर्मा(81) हैं। वह धौलपुर गांव की निवासी थी। शनिवार की शाम को नामखाना लोकल में अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें पद्माहाट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उनके साथी व रिश्तेदार आशीष यादव ने बताया कि वे लोग 26 जने गत 3 जनवरी पूण्य स्नान करने के उद्देश्य से कोलकाता पहुंचे। कालीघाट व बाबुघाट में पूजा-अर्चना करने के बाद उन लोगों ने सागर पहुंचने के लिए 4 जनवरी की शाम को सियालदह से नामखाना लोकल लिया।

उनके अनुसार बीच रास्ते में वृद्धा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी हो गई। जिसके बाद उन्हें जयनगर स्टेशन पर उतारा गया और तत्परता के साथ नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनके मौत की पुष्टि हुई। हालांकि मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि साथी की मौत के बाद राजस्थान से यहां आए सभी पूणयार्थी शोक में डूब गए हैं। सबका रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है।

Jyoti Dubey
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