Pegasus : तृणमूल का पक्ष लेकर क्यों कांग्रेस ने भाजपा पर किया प्रहार

गठबंधन की उम्मीदय जगने के साथ ही कांग्रेस ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीर ट्वीटकर भाजपा पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के जरिए अभिषेक बनर्जी के फोन टैप कराने का दावा किया है और इसकी निंदा भी की है।

By: Manoj Singh

Published: 25 Jul 2021, 11:54 PM IST

क्यों कहा, असुरक्षा की भावना से ग्रस्त है भाजपा सरकार

कोलकाताः
गठबंधन कयी उम्मीदय जगने के साथ ही कांग्रेस ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीर ट्वीटकर भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने अपने ट्वीटर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के जरिए अभिषेक बनर्जी के फोन टैप कराने का दावा किया है और इसकी निंदा भी की है।

कांग्रेस ने अपने ट्विटर पर लिखा है कि नरेंद्र मोदी इस कहावत को मानकर चल रहे हैं कि दुश्मन को हर हाल में पास रखना होता है। अभिषेक बनर्जी की तस्वीर के साथ ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा है कि आप कालक्रम को समझिए। कांग्रेस कहा कि विधानसभा चुनाव 2021 में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के फोन हैक करने कया मतलब भाजपा सरकार असुरक्षा की भावना से ग्रस्त है।
राजनीतिक गलियारों में ममता बनर्जी के नई दिल्ली जाने और सोनिया गांधी से मिलने से पहले कांग्रेस के इस पहल को कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के गठबंधन होने की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मीडिया में भारत के जिन लोगों के मोबाइल हैक होने की खबर प्रकाशित हुई थी उनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे का भी नाम था। ममता बनर्जी ने भी अभिषेक के साथ अपना मोबाईल फोन हैक होने का आरोप लगाया है। अब कांग्रेस ने इसे भाजपा के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।
तृणमूल ने कांग्रेस को दिया धन्यवाद
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और प्रवक्ता प्रो. सौगत रॉय ने कहा कि कांग्रेस ने पेगासस और अभिषेक बनर्जी के फोन हैक करने के मामले को उठाकर तृणमूल कांग्रेस की आवाज को बुलंद किया है। इसके लिए कांग्रेस को धन्यवाद। इससे विपक्षी एकता को बल मिलेगा।

कांग्रेस-तृणमूल की नजदीकियां बढ़ी, गठबंधन की संभावना जगी

भाजपा और केन्द्र की मोदी सरकार की सबसे बड़ी विरोधी शक्ति बनकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिल्ली में दस्तक देने से पहले पहले कांग्रेस और इससे टूट कर बनी तृणमूल कांग्रेस के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। भाजपा के खिलाफ दोनों के बीच गठबंधन होने की सुगबुगाहट भी शुरू हो हो गई है। सूत्रों ने बताया कि 26 जुलाई से अपने दिल्ली दौरे को दौरान ममता बनर्जी सोनिया गांधी से भी मुलाकात करेंगी और भाजपा के विरोधी में गठबंधन करने के बारे में बातचीत करेंगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में आमंत्रित किया है।
विपक्ष की एक जटता लोगों की मांग
प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि सोनिया गांधी ने कई मुद्दों पर अलोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए कई बैठकें बुलाई। उनमें टीएमसी ने भाग नहीं लिया। लेकिन अब देश के लोग सभी विपक्षी ताकतों को एकजुट देना चाहते हैं। भाजपा विरोधी दलों को एक बैनर तले लाने की पहल कर रहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचने से पहले उन्होंने सभी भाजपा विरोधी दलों से सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक जुट होने का अह्लान किया।
तृणमूल-कांग्रेस की नज़दीकियां बनी वामदलों की परेशानी
कांग्रेस और तृणमूल से बढ़ती नजदीकियां वामदलों विशेषकर माकपा के लिए सिरदर्द बन गई है। कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बंगाल विधानसभा चुनाव लड़े वामदल केन्द्र में भाजपा और बंगाल में भाजपा व तृणमूल कांग्रेस, दोनों का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस और तृणमूल का गठबंधन होने पर बंगाल में वामदलों के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। माकपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि केंद्र में भाजपा को रोकना बहुत जरूरी है। इसमें किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जा सकती। इसी तरह राज्य में तृणमूल का विरोध भी जरूरी है। वाम दल इसे जारी रखेंगे और कांग्रेस के साथ गठबंधन बरकरार रखना चाहते हैं।

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Manoj Singh Reporting
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