बेरोजगार युवकों से 22 लाख रुपए की ठगी, सिपाही ने फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी लगाने का दिया था झांसा

Fraud Case: फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से 22 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

By: Vasudev Yadav

Published: 19 Mar 2020, 11:03 AM IST

कोरबा. फॉरेस्ट गार्ड में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से 22 लाख रुपए की ठगी (Fraud) के आरोपी सिपाही गोविंदा राव बुधवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। सिपाही गोविंदा राव जिला पुलिस बल में कार्यरत था। वर्ष 2016-17 में वन विभाग ने वन रक्षक के विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली थी। सिपाही गोविंदा राव ने खुद को वन विभाग के एक अफसर का करीबी बताया। बेरोजगार युवकों को फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी लगाने का झांसा दिया। 14 युवाओं से 22 लाख 10 हजार रुपए ठग लिया।

युवाओं को नौकरी नहीं मिली। युवाओं ने गोविंदा को राशि लौटाने के लिए कहा। पहले तो गोविंदा ने पुलिस का धौस दिया। बाद में राशि लौटाने से मना कर दिया। ठगी के शिकार लोगों ने सत्य प्रकाश देवांगन नाम का युवक भी शामिल था। उसने घटना की शिकायत रामपुर चौकी में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 270/2017 पर गोविंदा के खिलाफ चारसौबीसी का केस दर्ज किया था। गिरफ्तार से बचने के लिए गोविंदा फरार हो गया था। पुलिस तीन साल से आरोपी की तलाश कर रही थी।

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परिवार ने पुलिस को दी थी गुमशुदगी की सूचना
घटना की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि गोविंदा शातिर है। ठगी के मामले में फरार होने के बाद उसके परिवार की ओर से थाने में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए गोविंदा ने हाईकोर्ट में भी अग्रित जमानत याचिका लगाई थी। लेकिन कोर्ट से राहत नहीं मिली थी। इसके बाद गोविंदा के पास कानूनी विकल्प खत्म होते जा रहे थे। उसने कोरबा के सीजेएम कोर्ट में बुधवार को समर्पण कर दिया।

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