सूखे की संभावना, कृषि विभाग ने शासन को भेजा मांग प्रस्ताव, 10 साल में पहली बार जुलाई तक 45 फीसदी कम बारिश

सूखे की संभावना, कृषि विभाग ने शासन को भेजा मांग प्रस्ताव, 10 साल में पहली बार जुलाई तक 45 फीसदी कम बारिश

Vasudev Yadav | Publish: Jul, 23 2019 08:41:46 PM (IST) Korba, Korba, Chhattisgarh, India

Possibility Of Drought : सूखे की संभावना (Possibility Of Drought) को देखते हुए अब धान के फसल की बजाए किसानों को तिलहन व दलहन के फसल लगाने कहा जाएगा। कृषि विभाग (Agricultural department) ने इन फसलों के बीज की मांग भेज दी गई है। बीज मिलते ही किसानों को वितरण शुरू किया जाएगा।

कोरबा. इस बार जिले में सूखे की पूरी संभावना (Possibility Of Drought) नजर आ रही है। जुलाई में 20 दिन तक पानी नहीं गिरने से इस बार किसानों पर भारी पडऩे लगा है। स्थिति ये है कि तीन ब्लॉक में खेती किसानी कार्य शुरू तक नहीं हो सका है। कृषि विभाग का कहना है कि अगर आने वाले तीन से चार दिन में बारिश अच्छी हो जाती है तो एक बार के लिए समस्या कुछ कम हो जाएगी। अगर इस पूरे महीने मेंं बारिश नहीं होती है तो फिर साफ है कि धान की फसल (Paddy crop) किसान नहीं ले पाएंगे। इसलिए अब विभाग उनके लिए तिलहन और दलहन के बीज बंटवाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए डिमांड विभाग ने भेज दी है।

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डीडीए ने बीज निगम से बात कर जल्द आपूर्ति की मांग की है। कोरबा सहित प्रदेश के अन्य जिले भी सूखे की चपेट में है। इसलिए एक साथ सभी जिले के लिए स्वीकृति मिलेगी। जहां रोपाई हो चुकी थी। वहां अब उखाड़ कर नए सिरे से उड़द व रामतिल के फसल (crop) किसान लेंगे।

10 साल में पहली बार जुलाई तक 45 फीसदी बारिश हुई कम
पिछले 10 साल में पहली बार के अंतिम सप्ताह में जिले में 45 फीसदी बारिश कम हुई है। अब तक के रिकार्ड के अनुसार 30 फीसदी ही बारिश कम थी। लेकिन पहली बार यह रिकार्ड 45 फीसदी तक जा पहुंचा है। अब तक जिले में 296.7 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि अब तक होनी चाहिए 538.9 एमएम बारिश हो जानी चाहिए थी। इतनी कम बारिश से किसानों के लिए दिक्कत बढ़ गई है।
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कई जगह खेतों में धान की फसल होती थी अच्छी, वहां दलहन कैसे होगा
जिले की भौगोलिक स्थिति के मुताबिक कई जगह खेतों में धान की फसल (Paddy crop) ही सिर्फ होती है। उन जगहों पर दलहन व तिलहन के फसल नहंी होते। कई बार किसानों ने लगाने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो सका था। इसलिए पूरे जिले में यह फसल कितना सफल हो पाएगा। इस पर सवाल उठने लगा है। (Possibility Of Drought)

-अगर जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश अच्छी होती है तो कुछ राहत मिल जाएगी। अगर नहीं होती है तो फिर धान की बजाए दलहन व तिलहन की फसल लगाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए मांग भेज दी गई है- एमजी श्यामकुंवर, उपसंचालक, कृषि विभाग

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