
बड़ी खबर: राजस्थान में सरकारी स्कूल ने एक साथ निकाल दिए 20 बच्चे, शिक्षा विभाग में मचा हड़कम्प
कोटा. अपनों ने ठुकराया, गैरों ने अपनाया... कहावत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भदाना में चरितार्थ हो रही है। दसवीं बोर्ड का परिणाम कमजोर ( 10th Board Exam Result ) रहने के कारण कक्षा नवीं के कई कमजोर विद्यार्थियों को स्कूल से टीसी ( School TC ) देकर बाहर निकाल दिया। मजबूरन विद्यार्थियों ( Student's ) को अब दूसरे स्कूल में दाखिला लेना पड़ा। स्कूल से विद्यार्थियों को टीसी देकर बेदखल करने का मामला ( 20 Student Rustication From School ) शिक्षा विभाग में पहुंचने पर हड़कम्प मच गया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने जांच के आदेश दिए।
Read More: 80 साल बाद कोटा के इस स्कूल ने बदला अपना रंग और ढंग, 12 लाख लोगों ने पहली बार देखा गुलाबी रंग
एक साथ 20 विद्यार्थियों को निकाला
स्कूल प्रशासन के अनुसार स्कूल में कक्षा 1 से 12वीं तक कुल 241 विद्यार्थी अध्ययनरत है। कक्षा प्रथम में 70 नए एडमिशन आए हैं। कक्षा 6 से 12वीं तक 48 विद्यार्थियों की टीसी काटी है। जिनमें 12वीं के 33 विद्यार्थी है। नवीं कक्षा में इस साल 30 फेल हुए हैं। जिनमें से 10 विद्यार्थियों की टीसी काटी है। जबकि 20 की काटकर रखी है। ये कमजोर विद्यार्थी एक बार नवीं में फेल हुए, कुछ दो बार फेल हो चुके हैं। जबकि ये विद्यार्थी कक्षा 1 से 8वीं तक इसी स्कूल में अध्ययनरत रहे हैं। इनमें कई छात्राएं भी है। विद्यार्थियोंने बताया कि करीब 20 विद्यार्थियों को टीसी देकर बाहर निकाला है।
बच्चों की पीड़ा... उनकी जुबानी
छात्रा माया व पूजा ने बताया कि कक्षा 1 से 8वीं तक भदाना स्कूल में पढ़ाई की। इस साल 9वीं में फेल हो गए। कमजोर रहने की बात कहकर स्कूल से टीसी देकर घर भेज दिया। 20 विद्यार्थियों की टीसी काटी है।
पांच किमी दूर लेना पड़ा दाखिला
इन विद्यार्थियों के साथ नाइंसाफी इसी स्कूल में नहीं हुई, बल्कि ये विद्यार्थी मिल स्कूल, बालिका स्कूल स्टेशन भी गए, लेकिन स्कूल प्रशासन ने दाखिला नहीं दिया। मजबूरन राजकीय जवाहर लाल नेहरू उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचे और प्रिंसिपल को आपबीती सुनाई। प्रिंसपल कृति मल्होत्रा ने इनका दाखिला किया।
BIG NEWS: अंग्रेजी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, इंटरव्यू में पास हुए तो मिलेगा यह सुनहरा मौका, तबीयत हो जाएगी खुश
हम भी नहीं पढ़ाएंगे...
छात्र दिनेश ने बताया कि भदाना स्कूल में शिक्षक पढ़ाना ही नहीं चाहते। नवीं में एक बार फेल हो गया तो टीसी थमा दी। जबकि पहले दो बार फेल होने पर टीसी दी जाती थी। जब स्कूल में गए तो एक शिक्षिका ने कहा कि हम तुम्हें कक्षा में बैठा लेंगे, लेकिन पढ़ाएंगे नहीं।
Published on:
18 Jul 2019 09:00 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
