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बड़ी खबर: राजस्थान में बच्चों की पढ़ाई से लेकर खाना-पीना सब कुछ फ्री, सरकार उठाएगी पूरा खर्चा

सरकार ने राजस्थान में १२वीं तक की शिक्षा फी कर दी है। प्राइवेट स्कूल में बच्चों की पढ़ाई से लेकर खाने-पीने तक का सारा खर्चा सरकार खुद उठाएगी।
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कोटा

•

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Zuber Khan

•

May 21, 2019

Education

बड़ी खबर: राजस्थान में बच्चों की पढ़ाई से लेकर खाना-पीना सब कुछ फ्री, सरकार उठाएगी पूरा खर्चा

कोटा . राजस्थान के लोगों के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। महंगाई के दौर में बच्चों की अच्छी तालीम से चिंतित अभिभावकों को राजस्थान सरकार ने बड़ी राहत देते हुए कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई से लेकर खाना-पीना तक सब कुछ फ्री कर दिया है। हर साल फीस भी सरकार खुद वहन करेगी। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए जनजाति क्षेत्रीय विकास योजना शुरू की है। इसके तहत चयनित विद्यार्थियों का उच्च प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई से लेकर रहना-खाना, डे्रस सहित सम्पूर्ण खर्चा सरकार वहन करेगी। योजना के तहत कक्षा छह में प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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यह रहेगी पात्रता
योजना में वही छात्र पात्र होगा, जो राजकीय व निजी विद्यालयों में नियमित रहते हुए कक्षा पांचवीं में न्यूनतम सी ग्रेड से उत्तीर्ण हुआ हो। विद्यार्थी के पिता आयकर दाता नहीं हो। माता-पिता की अधिकतम दो सतानें ही प्रवेश के लिए पात्र होगी। राजस्थान मूल निवासी के साथ तीनों योजनाओं से संबंधित वर्ग विशेष का जाति प्रमाण पत्र होना चाहिए। विद्यार्थी के एक बार चयनित होने के बाद 12वीं तक पढ़ाई व सम्पूर्ण खर्चा नि:शुल्क रहेगा। विद्यार्थियों का प्रतिवर्ष नवीनीकरण होगा। बर्शेत कि विद्यार्थी ने प्रतिवर्ष प्रत्येक कक्षा में न्यूनतम सी ग्रेड या 50 प्रतिशत अंक अर्जित किए हो।

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कितनी सीटें खाली
प्रदेशभर में अनुसूचित जाति के लिए 286, अनुसूचित जनजाति के लिए 214, अति पिछड़ा वर्ग एमबीसी 500, जनजाति उपयोजना क्षेत्र में सम्मिलित पांच जिलों में डूंगरपुर व बांसवाड़ा सम्पूर्ण, उदयपुर जिले की सात पूर्ण तहसीलें व तहसील गिर्वा के 123 गांव व तहसील गोगुन्दा के 52 गांव, प्रतापगढ़, अरनोद, धरियावद, पीपलखूंट तहसील व सिरोही जिले की आबू रोड तहसील का आबू रोड ब्लॉक शामिल है। इनके लिए 500 सीटें आरक्षित की गई है।

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एक बच्चे पर न्यूनतम खर्च 50 हजार
योजना में प्रदेश के 54 उच्च प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन किया गया है। इन संस्थानों में चयनित विद्यार्थी के लिए गुणात्मक शिक्षा, स्वच्छ आवास व बिस्तर, भोजन, पोशाक, पाठ्यपुस्तक, लेखन सामग्री नि:शुल्क विद्यालय द्वारा देय होगी। जिसके लिए विद्यालय को अधिकतम 50 हजार रुपए वार्षिक अथवा विद्यालय द्वारा व्यय की गई वास्तविक राशि दोनों में जो भी कम हो, का पुनर्भरण संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। विद्यार्थी को कोई राशि विद्यालय को देनी नहीं होगी।

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यह रहेगा परीक्षा पैटर्न
प्रवेश पूर्व परीक्षा में सवालों का स्तर कक्षा पांचवीं के विभागीय पाठ्यक्रम के समकक्ष रहेगा। परीक्षा में हिन्दी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी प्रत्येक विषय को 20 का भारांक देकर कुल 100 अंकों का प्रश्न पत्र दिया जाएगा। जिसे दो घंटे में करना होगा। परीक्षा में आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। 3 से 4 जून तक डीईओ कार्यालय से प्रवेश पत्र ले सकते हैं। परीक्षा जिला मुख्यालय स्तर पर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होगी।

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विद्यार्थी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आवेदन ले सकते हैं। आवेदन उन्हें 25 मई तक स्थानीय कार्यालय में जमा करवाना होगा। प्रवेश पूर्व परीक्षा 9 जून को होगी। परीक्षा का परिणाम 27 जून को घोषित किया जाएगा। पात्र विद्यार्थियों के विद्यालय आवंटन की सूची निदेशालय स्तर से जारी होगी।
गंगाधर मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कोटा