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राजनीति की पाठशाला: कॉलेज का दायरा नहीं लांघ सकेगा चुनावी दंगल

कोटा विश्वविद्यालय और राजकीय महाविद्यालयों में होने वाले छात्रसंघ चुनावों में इस बार पुलिस कोई भी रियायत देने के मूड में नहीं है। 
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Vineet Kumar Singh

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Updated: 9 Aug 2017, 10:08 AM IST

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कॉलेज का दायरा नहीं लांघ सकेगा चुनावी दंगल

कॉलेज का चुनाव कॉलेज के दायरे तक ही सीमित रहेगा। चुनावी दंगल में ताल ठोकने वाले छात्र नेता ना तो शहर में पोस्टर बैनर लगा सकेंगे और ना ही रैलियां निकाल सकेंगे। ऐसा करने वालों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी। छात्रों को लुभाने के लिए शराब पार्टियां और बाड़ाबंदी करने वालों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।







Read More: कोचिंग गर्ल ने कटवाई 28 इंच लंबी चोटी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरानकोटा विश्वविद्यालय और कोटा के राजकीय महाविद्यालयों में होने वाले छात्रसंघ चुनावों में इस बार पुलिस कोई रियायत देने के मूड में नहीं दिखती। छात्रसंघ चुनावों की आहट के साथ ही कोटा पुलिस ने सख्त रवैया अख्तियार करना शुरू कर दिया है। शहर पुलिस अधीक्षक अंशुमान भौमिया ने सभी कॉलेज व विश्वविद्यालयों के प्राचार्यों व नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर इसके साफ संकेत भी दे दिए हैं। एसपी सिटी ने बैठक में साफ लफ्जों में कहा कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का सारे कॉलेज शतप्रतिशत पालन कराएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो चुनाव के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले हर एक व्यक्ति के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।

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कॉलेज तक सीमित रहे कॉलेज का चुनाव

शहर पुलिस अधीक्षक विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन से कहा कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों की पालना करना उनका पहला दायित्व है। यदि कॉलेज परिसर या उसके बाहर किसी भी तरह के पोस्टर या बैनर लगाए गए हैं तो उन्हें समय रहते हटा लिया जाए। आचार संहिता लागू होने के बाद भी यदि शहर में कहीं पोस्टर-बैनर लगे मिले तो सबसे पहले छात्रों और फिर उन्हें छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न्यूजसेंस पैदा करने वाले छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज की चेतावनी दी। इतना ही नहीं चुनाव में गड़बड़ी करने वालों की तत्काल धर-पकड़ करने के भी निर्देश दिए।

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सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी नजर

एसपी भौमिया ने कहा कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष हो सके और गड़बड़ी करने वालों को पकड़ा जा सके। इसके लिए कॉलेज परिसर में सभी जगहों पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। कॉलेज में आने और जाने के रास्ते अलग-अलग हों।उन्होंने सभी कॉलेज प्राचार्यों से प्रवेश प्रक्रिया पूरी होते ही विद्यार्थियों को परिचय पत्र बांटने के लिए भी कहा, ताकि बाद में किसी तरह का कोई विवाद ना हो। इतना ही नहीं यदि किसी छात्र के पास पिछले साल का परिचय पत्र मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।