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बचाव के उपायों को अपनाया तो जल्द कोटा की ग्रीन जोन में होगी वापसी

अतुल प्रकाश वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  
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बचाव के उपायों को अपनाया तो जल्द कोटा की ग्रीन जोन में होगी वापसी

बचाव के उपायों को अपनाया तो जल्द कोटा की ग्रीन जोन में होगी वापसी

कोटा. कोरोना (corona)नियंत्रित क्षेत्र में नमूनों की जांच और सर्वे का पर्यवेक्षण कर रहे आईएएस अतुल प्रकाश की कोटा में सहायक कलक्टर के पद पर पहली पदस्थापना हुई। उन्होंने लॉकडाउन का अनुभव राजस्थान पत्रिका के साथ साझा किया। उन्होंने कहा, लॉकडाउन से कई लाभ हुए हैं। इससे संक्रमण के फैलाव की गति को नियंत्रित करने में मदद मिली है। लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में मौत के मामलों को रोका जा सका है। अब बचाव उपायों की पालना करेंगे तो जल्द कोटा ग्रीन जोन में आ जाएगा। मूलत: बिहार निवासी अतुल प्रकाश वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। प्रस्तुत हैं बातचीत के अंश...


Q कोरोना के बीच सबसे ज्यादा सकारात्मक पक्ष क्या रहा।
जवाब: पॉजिटिव रोगियों की तेजी से रिकवरी हुई और विभिन्न संस्थाओं ने जरूरतमंदों की मदद की। लोगों ने बचाव के उपाय अपनाए जैसे मास्क लगाना, हाथ धोना, सेनेटाइजर का उपयोग किया। यह आदत बनाए रखनी होगी। कोचिंग के हजारों बच्चों की सुरक्षित घर वापसी अभिभावकों के लिए सुखद रही।

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Q रिकवरी तेज है, लेकिन कोटा रेड जोन में हैं, ग्रीन जोन में कैसे आएगा।
जवाब: कोटा शहर जल्द ग्रीन जोन में आ सकेगा, क्योंकि रोगी जल्द ठीक होकर लौट रहे हैं। नए संक्रमण को रोकने के लिए सभी लोग बचाव उपायों को आदत बनाकर पालना करेंगे तो जल्द हम ग्रीन जोन में होंगे।


Q कोटा में लॉकडाउन में सबसे बड़ा कार्य क्या हुआ।
जवाब: लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवश्यक बुनियादी ढ़ांचा तेजी से बढ़ाया गया। कोटा में समर्पित कोविड अस्पताल तैयार किया गया। जिनमें अलग-अलग बिस्तर, आईसीयू वाले बिस्तर और ऑक्सीजन लगे बिस्तर उपलब्ध हैं। कोटा में कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए इस समय रोज एक हजार नमूनों की जांच हो रही है।

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Q कोरोना संघर्ष में आपने बड़ी भूमिका निभाई, कैसा अनुभव रहा।
जवाब: आपदा प्रबंधन में काम करना ड्यूटी का हिस्सा है, लेकिन कोटा में कोरोना के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला। टीम के साथ काम करना अच्छा अनुभव रहा। प्रशासनिक दृष्टि से यह काफी अहम रहता है।