रेलवे:कमाई के लिए कबाड़ हुए इंजन, कोच और वैगन बेच दिए

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा, भोपाल और जबलपुर मंडलों में कबाड़ को बेचकर आय अर्जित की जा रही है। वर्ष 2021-22 में पिछले पांच महीनों में सौ करोड़ से ज्यादा रुपए कबाड़ बेचकर कमाए।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 19 Sep 2021, 01:57 PM IST

कोटा. कोरोना संक्रमण के बाद यात्री आय में बड़ी गिरावट होने के बाद रेलवे की ओर से अन्य माध्यमों से आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे में कोटा, भोपाल और जबलपुर मंडलों में विभिन्न जगहों पर पड़े लोहे के कबाड़ को बेचकर आय अर्जित की जा रही है। पश्चिम मध्य रेलवे ने वर्ष 2020-21 में 188 करोड़ का कबाड़ बेचा था। वहीं वर्ष 2021-22 में पिछले पांच महीनों में सौ करोड़ से ज्यादा रुपए कबाड़ बेचकर कमाए। स्क्रेप निपटान में पश्चिम मध्य रेल ने 12361 मीट्रिक टन स्क्रेप की नीलामी की है। कोटा मंडल स्थित माल डिब्बा मरम्मत कारखाना ने भी कबाड़ से कमाई में कई बार रेकॉर्ड बनाया है। रेलवे के कबाड़ जगह-जगह पड़ा होने के कारण भूमि का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। स्क्रेप के निपटान से खाली हुई जगह गतिविधियों के लिए उपयोग में लाई जा सकेगी। रेलवे की उत्पादन ईकाइयों में हर साल बड़ी मात्रा में कबाड़ एकत्र हो जाता है।

कितना क्या बेचा
12361 मीट्रिक टन रेल मैटेरियल
10348 मीट्रिक टन फेरस
471 मीट्रिक टन नॉन फेरस
87 वैगन
17 कोच
04 इंजन
3386 मीट्रिक टन अन्य कबाड़
101.53 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त किया

Jaggo Singh Dhaker
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