छात्रसंघ चुनावों में आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशी रोजाना लजीज खाना और शराब परोस रहे हैं। इसके बाद भी कोई नखरे दिखा रहा है तो उसके लिए पूल पार्टियों के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिस पर रोजाना लाखों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन दावा वही कि चुनाव में सिर्फ 5 हजार रुपए ही खर्च करेंगे। यह हालात तब हैं जब सबकुछ खुलेआम हो रहा है, लेकिन कॉलेज-विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने आचार संहिता के लिए पूरी तरह आंखें ही बंद कर रखी हैं।