महालक्ष्मी रेजीडेंसी: हॉस्टल में नहीं बायोमेट्रिक, सीसीटीवी, एंटी सुसाइड फैन

महालक्ष्मी रेजीडेंसी: हॉस्टल में नहीं बायोमेट्रिक, सीसीटीवी, एंटी सुसाइड फैन

Shailendra Tiwari | Publish: Jan, 13 2018 10:15:01 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

प्रज्ञा रेजीडेंसी में 5 जनवरी को नीरज कुमारी की मौत के बाद हॉस्टल्स और पीजी की बदहाली में सुधार नहीं आया और फिर हॉस्टल में एक जान और चली गई।

कोटा . प्रज्ञा रेजीडेंसी में 5 जनवरी को नीरज कुमारी की मौत के बाद हॉस्टल्स और पीजी की बदहाली में सुधार नहीं आया और फिर हॉस्टल में एक जान और चली गई। मेडिकल की तैयारी करने कोटा आई छत्तीसगढ़ निवासी नरेंद्र देवगन की बेटी निहारिका ने शनिवार को फांसी लगाकर जान दे दी। बावजूद इसके कार्रवाई करना तो दूर पुलिस, प्रशानिक अधिकारियों और प्रशासन सरकार के सिर ठीकरा फोड़ता रहा।

 

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राजस्थान पत्रिका ने इस घटना के बाद पड़ताल की तो पता चला कि जवाहर नगर के महालक्ष्मी रेजीडेंसी में सालों से गल्र्स हॉस्टल चल रहा है, लेकिन यहां हॉस्टल संचालक गिरधारी सोनी ही गार्ड का भी काम करते हैं। वार्डन धनश्री बैरवा का हाल यह था कि उन्हें हॉस्टल के मालिक तक का नाम नहीं पता था। हॉस्टल में एंटी सुसाइड फैन भी नहीं लगे थे। पांच मंजिला इमारत के 61 कमरों में 60 लड़कियां रहती हैं, लेकिन आग बुझाने का एक भी सिलेंडर मौजूद नहीं था।

 

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जबकि ग्राउंड फ्लोर पर बनी किचन में रोजाना हॉस्टल की लड़कियों के साथ-साथ बाहर के 60 बच्चो के लिए भी खाना और नाश्ता तैयार किया जाता है। किचन के साथ ही डाइनिंग हॉल भी अटेच हैं, लेकिन इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और आने-जाने के लिए एक ही रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है। अटेंडेंस: हॉस्टल में रह रही लड़कियों की हाजिरी लगाने के लिए बायोमेट्रिक मशीन नहीं है।

अब भी हाजिरी रजिस्टर में ही दर्ज की जाती है। रजिस्टर का हाल भी यह है कि जब जिस छात्रा का जो मन आए लिख रही थी। इस महीने में सिर्फ सात दिनों की ही हाजिरी लगी हुई थी। कई बच्चे न तो टाइम डाल रहे थे और ना ही नाम। नाइट अटेंडेंस भी किचन में ही लगा दी जाती थी। इसमें एक ही छात्रा दूसरे के भी साइन कर रही थी।

 

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क्या कहते हैं जिम्मेदार

हॉस्टल संचालक गिरधारी सोनी ने खुद बताया कि हॉस्टल में आग बुझाने वाले सिलेंडर अभी नहीं लगे हैं। सीसीटीवी की डीवीआर फुक गई थी उसे ठीक कराने के लिए भेजा गया है। बायोमेट्रिक की बजाय रजिस्टर पर ही हाजिरी लगाते हैं। बच्चो को डिस्टर्ब न करना पड़े इसलिए नाइट अटेंडेंस भी किचन में लगा लेते।

इसी तरह, वार्डन धनश्री बैरवा का कहना है कि लड़कियों को कई बार कहा कि वो साफ-साफ साइन करें, लेकिन वो सुनती ही नहीं है। इसलिए रजिस्टर में गड़बड़ी लग रही है। शनिवार की अटेंडेंस दर्ज क्यों नहीं हुई इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
जवाहर नगर थानाधिकारी नीरज कुमार ने मामले पर कहा कि हॉस्टल में कई अनियमितताएं मिलीं, लेकिन पुलिस के पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने के अधिकार नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार ही इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की यह वही बता सकते हैं।

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