
7 साल बाद ले गए परिजन अस्पताल से भटकती हुई आत्मा को.....!
कोटा . आजादी के सत्तर साल बाद, साक्षरता दर बढ़ने के बाद भी अंधविश्वास का खात्मा नहीं हुआ है। एमबीएस अस्पताल में एक बार फिर अंधविश्वास का नजारा देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में एक बार फिर से वही तमाशा हुआ, जिसे डॉक्टर और अन्य दूसरे कर्मचारी देखते रहे। बूंदी जिले के दुगारी कस्बे से एक दर्जन से ज्यादा महिला, पुरुष मृतक की आत्मा लेने अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने पहले तो परिसर में जोत जलाई। पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने गीत गाकर आत्मा को बुलाया। बाद में महिला व पुरुष इमरजेंसी वार्ड तक जा पहुंचे। हाथ में थाली और उसमें पूजन की सामग्री देख वार्ड में मौजूद नर्सिग स्टाफ ने उनको वहां से भगाने का प्रयास किया तो परिजन हाथ जोड़कर क्रिया कलाप पूरी करने की विनती करने लगे। परिजन करीब 10 मिनट तक इमरजेंसी वार्ड में रहे।
गौरतलब है कि दुगारी निवासी हजारी लाल की 7 साल पहले बीमारी की हालत में एमबीएस के इमरजेंसी वार्ड में मौत हो गई थी। हजारी लाल की मौत के बाद परिजनों की तबीयत खराब रहने लगी। किसी ने हजारी लाल की भटकती आत्मा को वापस लाने की सलाह दी। जिस पर परिजन सोमवार को आत्मा लेने एमबीएस अस्पताल पहुचे। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद किसी ने भी परिजनों को रोका नही। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज भी ये सब देखकर चौंंक गए।
Published on:
05 Mar 2019 12:53 pm
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