इस जिले में 34 सरकारी शिक्षक हुए बर्खास्त, अभी इतनों की और जाएगी नौकरी, लिस्ट हुई जारी

- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सरकारी शिक्षकों की बर्खास्तगी से शिक्षा विभाग में मचा हड़कम्प
- शिक्षक पात्रता परीक्षा का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर कर रहे थे सरकारी नौकरी
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा- फर्जी शिक्षकों के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा

By: Hariom Dwivedi

Updated: 03 Nov 2020, 08:05 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के इटावा में फर्जी सरकारी शिक्षकों (Government Teacher) का भांडाफोड़ होने से शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया है। अब तक 34 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अन्य 12 संदिग्ध शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जिनका वेतन रोक दिया गया है। कागजी सत्यापन की कार्यवाही पूरी होते ही इनकी भी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। शिक्षा विभाग (Shiksha Vibhag) अब इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा। बर्खास्त शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा (TET Exam) में अनुत्तीर्ण रहने के बावजूद फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए सरकारी नौकरी पा ली थी। जांच में इनके रोल नंबर पर किसी अन्य अभ्यर्थी का नाम पाया गया। यह सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी कर रहे थे। इन शिक्षकों की भर्ती पूर्ववर्ती अखिलेश यादव की सरकार में हुई थी।

शासन के निर्देश पर फर्जी शिक्षकों की जांच के लिए जुलाई 2018 में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने वर्ष 2013 व वर्ष 2016 में चयनित शिक्षकों के प्रपत्रों की जांच की। इन सभी शिक्षकों के टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रमाण पत्र फर्जी पाए गये हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद सभी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि इन सभी जो टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रमाण पत्र लगाया, वह फर्जी था। इटावा की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना सिंह ने बताया कि जांच कमेटी ने वर्ष 2011 की शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाण पत्रों की जांच की थी।

अब मुकदमा दर्ज कराएगा शिक्षा विभाग
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना सिंह ने बताया कि बताया कि टीईटी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी करने वाले 25 शिक्षकों को सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया है। इससे पहले भी फर्जीवाड़े में नौ शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अब तक कुल 34 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं। 12 संदिग्ध शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है, जिनकी जांच चल रही है। कमेटी की रिपोर्ट जैसे ही आएगी आगे की कार्रवाई की जाएगी। फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।

25 फर्जी शिक्षकों की गई नौकरी
जनपद के ताखा ब्लॉक में ही 16 फर्जी शिक्षक बर्खास्त किये गये हैं। महेवा, चकरनगर व बसरेहर में भी कई शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा भरथना ब्लॉक में एक शिक्षक को बर्खास्त किया गया है। सोमवार को कुल 25 शिक्षकों की हुई बर्खास्तगी।

सिर्फ ताखा ब्लॉक में ही 16 फर्जी शिक्षक, हुए बर्खास्त
- प्राथमिक विद्यालय बोझा- रूप किशोर
- प्राथमिक विद्यालय नगला भागा- विकास कुमार
- प्राथमिक विद्यालय बनीहरदू- मंगल सिंह
- प्राथमिक विद्यालय बम्हनीपुर- धर्मेंद्र सिंह
- प्राथमिक विद्यालय अहिवरनपुर- राजेन्द्र कुमार
- प्राथमिक विद्यालय सरावा- राजवीर सिंह
- प्राथमिक विद्यालय रिदौली- दिलीप सिंह
- प्राथमिक विद्यालय मोहरी- अरुण कुमार
- प्राथमिक विद्यालय नगला बंधा- अवधेश कुमार
- प्राथमिक विद्यालय कठौतिया- धर्मेंद्र सिंह
- प्राथमिक विद्यालय चमरौआ- मुनेश कुमार
- प्राथमिक विद्यालय भरतपुर खुर्द- प्रदीप कुमार
- प्राथमिक विद्यालय भडरपुर- नीरज मिश्रा
- प्राथमिक विद्यालय बनी केशोपुर- संजय लवानिया
- प्राथमिक विद्यालय नगला प्रीत- बृजेश कुमार
- प्राथमिक विद्यालय सरावा- जयव्रेश

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by- दिनेश शाक्य

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