विवादित ढांचा विध्वंस पर फैसला कल, लखनऊ समेत पूरे यूपी में बढ़ाई गई सुरक्षा

— उमा भारती (Uma Bharti) ने कहा, जो भी फैसला हो, बेल नहीं लूंगी’
— सत्येंद्र दास (Satyendra Das) और इकबाल अंसारी (Ikbal Ansari) की कोर्ट से अपील- सभी को किया जाए बरी

By: Abhishek Gupta

Published: 29 Sep 2020, 07:19 PM IST

लखनऊ. रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट (CBI special court) बुधवार 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट लगातार मामले में पक्ष-विपक्ष की दलीले सुन अपना फैसला लिख रही है। 28 साल बाद आखिरकार आज फैसला आ जाएगा। आडवाणी (LK Advani), मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi), उमा भारती (Uma Bharti) और कल्याण सिंह (Kalyan Singh) समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मामले में आरोपी हैं। कुल 49 आरोपियों में से 17 की मौत हो चुकी है। अदालत का आदेश है कि सभी शेष आरोपी फैसले के दौरान मौजूद रहें। केवल श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को खराब स्वास्थ के कारण फैसले के वक्त स्पेशल कोर्ट में उपस्थित न रहने की छूट दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूपी में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लखनऊ, अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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मामला 6 दिसंबर 1992 का है जब अयोध्या में एक उन्मादी भीड़ ने बाबरी मस्जिद ढहा दी थी। इस मामले में कुल 48 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमें 16 की वाद विचारण के दौरान मृत्यु हो गई। सीबीआई ने सुनवाई के दौरान मामले में 351 गवाह और करीब 600 दस्तावेजी सुबूत अदालत में पेश किए। विशेष सीबीआई अदालत में सभी 32 अभियुक्तों ने लिखित दलीलें 31 अगस्त को दाखिल की थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन के अफसरों की सक्रियता बढ़ा दी गई है। सीबीआई कोर्ट में पेश होने वाले आरोपियों की सुरक्षा के लिए 3 स्तरीय घेरा बनाया गया है। कैसरबाग स्थित सीबीआई कोर्ट परिसर का निरीक्षण करके सुरक्षा का खाका तैयार किया गया है। कुछ आरोपियों को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त हैं, लिहाजा बुधवार सुबह पूरे परिसर की चेकिंग की जाएगी। कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से नजर रहेगी। पुलिस अधिकारी तो मौजूद रहेंगे ही। सादो कपड़ों में खुफिया दल भी तैनात रहेगा। किसी भी बाहरी व्यक्ति का परिसर में प्रवेश निषेध रहेगा। कोर्ट के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगेगी। इस रूट पर चलने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से आगे भेजा जाएगा कोर्ट के इर्द-गिर्द दंगा निरोधक वाहन फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।

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17 का निधन, 32 रहेंगे कोर्ट में मौजूद-

मामले में 49 में से 17 आरोपितों में मौत हो चुकी है। वहीं बाकी 32 आरोपितों- लालकुष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डा. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धमेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर को कोर्ट में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अशोक सिंघल , बालासाहेब ठाकरे, विजय राजे सिंधिया, महंत अवेद्यनाथ, परंमहंस दास चंद्रदास, गिरिराज किशोर, विष्णुहरि डालमिया,मोरेश्वर सावे, विनोद कुमार वत्स, राम नारायण दास, डीबी दास, लक्ष्मीनारायण दास, रमेश प्रताप सिंह, हरगोविंद सिंह, बैकुंठलाल शर्मा, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज एवं डॉ. सतीश नागर की मौत हो चुकी है।

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