
BJP
लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। वहीं भाजपा ने अपनी रणनीति बना ली है जिसको धरातल पर लाने की शुरुआत इस शनिवार से हो जाएगी। केंद्र में भाजपा के चार वर्ष पूरे होने पर अब पार्टी कई अभियान चलाने वाली है और इसमें सबसे पहले दलित बस्तियों में एक दिवसीय विशेष संपर्क अभियान शुरू होगा, जिससे पार्टी विकास के मंत्र से दलित बस्तियों में बसपा के असर को कमर करने की कोशिश करेगी।
दलित समाज को साधेगी भाजपा-
भाजपा को कोशिश है कि वह दलित समाज को साधे। सपा-बसपा गठबंधन से गोरखपुर व फूलपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद तो ये दलित आंदोलन और जरूरी हो गया है। सांगठनिक दृष्टि से अगर देखा जाए तो यूपी में भाजपा के 1471 मंडल हैं जिनकी एक-एक दलित बस्तियों में अगले मंगलवार को भाजपा का जनसंपर्क अभियान चलेगा। आपको अगर याद हो तो इससे पहले ग्राम स्वराज अभियान के दौरान दलित बस्तियों में भोज और रात्रि प्रवास से रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश की गई थी। लेकिन इस बार बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए वरिष्ठ नेताओं को आगे लाया गया है।
इनको मिली जिम्मेदारी-
इस अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी भाजपा प्रदेश महामंत्री और अनुसूचित मोर्चा के प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ल के नेतृत्व में प्रदेश मंत्री अंजुला माहौर और संजय राय को दी सौंपी गई है। बीजेपी ने यह तय किया है कि दलित बस्तियों में संगठन के वरिष्ठ नेता भाजपा सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल की उन योजनाओं को लेकर जाएंगे जिनसे दलितों को सीधा फायदा पहुंचा है। इसमें डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के लिए मोदी सरकार द्वारा पंचतीर्थ समेत अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दिए जाने की भी योजना शामिल है। वहीं मंडल स्तर के संगठन को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि योजनाओं का लाभ जिन पात्रों को नहीं मिल सका है, उनकी सूची बनाकर तैयार रखें। इसके जरिए उन पात्रों को योजनाओं का भी लाभ दिया जा सकेगा। इससेदलित बस्तियों में भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा भी हो पाएगी। गोविंद नारायण शुक्ल ने इस पर कहा है कि 2014 व 2017 चुनाव में सभी वर्गों ने भाजपा को समर्थन दिया। सबका साथ-सबका विकास हमारा नारा है और इसी कड़ी में यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
Published on:
24 May 2018 04:18 pm
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