scriptCNG made By cow dung farmers get benefit from stray in UP | गोबर से चलेगी 'कार', 50 हज़ार गायों, बैल का रोज़ होगा इस्तेमाल, महंगे पेट्रोल से मुक्ति | Patrika News

गोबर से चलेगी 'कार', 50 हज़ार गायों, बैल का रोज़ होगा इस्तेमाल, महंगे पेट्रोल से मुक्ति

उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं से परेशान चल रहे यहाँ के किसानो के लिए खुश खबरी है। अब वो इन्हीं आवारा पशुओं के गोबर को बेच कमाई कर सकते हैं। इससे इन आवारा जानवरों से अब फायदा होगा।

लखनऊ

Updated: April 19, 2022 03:47:17 pm

उत्तर प्रदेश में आवारा पशु की समस्या से लोग काफी परेशान हैं। इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए एक योजना बनायी है। इस योजना में 50,000 आवारा मवेशियों को 100 दिनों के भीतर आश्रय दिया जाएगा। आने वाले छह महीने में यह संख्या 1 लाख तक जा सकती है। इसके साथ ही प्राकृतिक आवास में मवेशियों को रखने के लिए पूरे राज्य में कम से कम 50 बड़े गौशाला का निर्माण भी शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक जिला मजिस्ट्रेट को प्रति दिन कम से कम 10 आवारा गायों के लिए आश्रय सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है।
Yogi will Made CNG by Gobar Symbolic Photo to Show
Yogi will Made CNG by Gobar Symbolic Photo to Show
BioGas Projects in Uttar Pradesh
सरकार के एजेंडे में अगला कदम बायोगैस संयंत्र स्थापित करना है। गाय के गोबर का उपयोग करके सीएनजी बनाना, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की दिशा में काम करना होगा। इसके लिए किसानों से गाय का गोबर खरीदा जाएगा। पीएम मोदी ने किसानों को एक ऐसी प्रणाली का वादा किया था जिसमे जब गायें दूध देना बंद कर देंगी (जो किसानों द्वारा छोड़े गए हैं) तो किसान गोबर के माध्यम से आय अर्जित करेंगे। यह इतना आकर्षक होगा कि लोग आवारा पशुओं को अपनाने के लिए आगे आयेंगे।
65 हजार हेक्टेयर भूमि में बनेगा चारागाह
राज्य सरकार राजस्व रिकॉर्ड में चराई के लिए 65,000 हेक्टेयर भूमि की भी पहचान करेगी जो मवेशियों के चारा के लिए होगी। अधिकारियों ने कहा कि यह विचार आवारा मवेशियों की समस्या से इस तरह निपटने का था ताकि यह आत्मनिर्भर हो और वित्तीय रूप से लाभदायक भी हो।

पंचायती राज योजना में होगा शामिल
उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के निदेशक इंद्रमणि ने बतया कि वे शहरी विकास और पंचायती राज विभाग को भी इस कार्य में शामिल करेंगे। उन्होंने बताया कि, च्च्हमारा विचार है जहाँ अधिक से अधिक भूमि हो, वहाँ वनों की उपलब्धता हो। यदि आवश्यक हो तो हम जल स्रोतों को विकसित कर सकते हैं। साथ ही साथ बाड़ लगाने और चारे के भंडारण की व्यवस्था भी कर सकते हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

किसी भी महीने की इन तीन तारीखों में जन्मे बच्चे होते हैं बेहद शार्प माइंड, लाइफ में करते हैं बड़ा कामपैदाइशी भाग्यशाली माने जाते हैं इन 3 राशियों के बच्चे, पिता की बदल देते हैं तकदीरइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथ7 दिनों तक मीन राशि में साथ रहेंगे मंगल-शुक्र, इन राशियों के लोगों पर जमकर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपादो माह में शुरू होने वाला है जयपुर में एक और टर्मिनल रेलवे स्टेशन, कई ट्रेनें वहीं से होंगी शुरूपटवारी, गिरदावर और तहसीलदार कान खोलकर सुनले बदमाशी करोगे तो सस्पेंड करके यही टांग कर जाएंगेआम आदमी को राहत, अब सिर्फ कमर्शियल वाहनों को ही देना पड़ेगा टोल15 जून तक इन 3 राशि वालों के लिए बना रहेगा 'राज योग', सूर्य सी चमकेगी किस्मत!

बड़ी खबरें

IPL 2022 LSG vs KKR : डिकॉक-राहुल के तूफान में उड़ा केकेआर, कोलकाता को रोमांचक मुकाबले में 2 रनों से हरायानोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेरपुलिस में मामला दर्ज, नाराज कांग्रेस विधायक का इस्तीफा, जानें क्या है पूरा मामलाडिकॉक-राहुल ने IPL में रचा इतिहास, तोड़ डाला वार्नर और बेयरेस्टो का 4 साल पुराना रिकॉर्डDelhi LG Resigned: दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों का दिया हवालाIndia-China Tension: पैंगोंग झील पर बॉर्डर के पास दूसरा पुल बना रहा चीन, सैटेलाइट इमेज से खुलासाWatch: टेक्सास के स्कूल में भारतीय अमेरिकी छात्र का दबाया गला, VIDEO देख भड़की जनताHeavy rain in bangalore: तेज बारिश से दो मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.