scriptCoach badruddin big revelation about mohammad shami suicide attempt | Patrika Exclusive Interview: क्या मोहम्मद शमी करने वाले थे सुसाइड? बातचीत में कोच बदरुद्दीन ने किया बड़ा खुलासा | Patrika News

Patrika Exclusive Interview: क्या मोहम्मद शमी करने वाले थे सुसाइड? बातचीत में कोच बदरुद्दीन ने किया बड़ा खुलासा

locationलखनऊPublished: Nov 18, 2023 08:03:34 pm

Submitted by:

Aniket Gupta

Patrika Exclusive Interview: हाल ही में भारत ने विश्व कप सीरीज के सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलैंड को हरा कर फाइनल में जगह बना ली है। इस मैच में न सिर्फ भारत ने जीत दर्ज की बल्कि भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इतिहास रच दिया। इन्हीं सभी मुद्दों पर पत्रिका उत्तर प्रदेश की टीम ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के शुरुआती दिनों के कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी से खास बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने शमी से जुड़े कई बड़े खुलासे किए।

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क्या मोहम्मद शमी सुसाइड करने वाले थे? बातचीत में कोच बदरुद्दीन ने किया बड़ा खुलासा
Patrika Exclusive Interview: कल यानी रविवार को गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विश्व कप का फाइनल मैच खेला जाएगा। बीते 15 नवंबर को सेमीफाइनल मैच में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने न्यूजीलैंड को हरा कर फाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल मैच में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 7 विकेट लेते हुए इतिहास रच दिया। शमी विश्व में पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं, जिन्होंने वर्ल्ड कप में 50 से अधिक विकेट अपने नाम किए। इन्हीं सारे मुद्दों पर बात करते हुए शमी के कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी ने गेंदबाज से जुड़े कई सारे खुलासे किए। साथ ही, शमी से उनकी पत्नी को लेकर चल रहे विवाद पर भी खुलकर बातचीत की। आइए, जानते हैं आखिर कोच बदरुद्दीन ने क्या कुछ कहा।
सवाल- मोहम्मद शमी ने वर्ल्ड कप सीरीज के सिर्फ एक मैच में 7 विकेट अपने नाम करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन चुके हैं, आपको कैसा लग रहा है?

जवाब- बेइंतिहा खुशी की बात है। यदि आपका कोई भी स्टूडेंट ऐसा प्रदर्शन करता है, जिससे देश की टीम को फाइनल में जगह मिल जाए तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। इंडिया में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी ने एक मैच में 7 विकेट लिया हो तो जाहीर सी बात है बहुत ही खुशी की बात है हमारे लिए।
photo_2023-11-18_20-00-46.jpgसवाल- आपके क्रिकेट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में शमी का पहला दिन कैसा था?

जवाब- पहले दिन वह अपने पापा के साथ मेरे ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में आया था। आते ही, उसके पिताजी ने मुझसे कहा कि यह मेरा बेटा है। फास्ट बोलिंग करता है। आसपास के इलाकों में अपनी बोलिंग से धूम मचा रखी है। उस समय मेरे यहां नेट प्रैक्टिस का टाइम था। फिर मैंने उसी समय शमी को बॉल दी और शमी ने बॉल डालना शुरू किया। करीब आधे घंटे तक उसने लगातार बॉल डाली। और पहले ही दिन उसने मुझे अपने परफॉरमेंस से इम्प्रेस कर दिया। उसने जिस स्पीड से पहली बॉल डाली थी, एकदम उसी स्पीड के साथ आधे घंटे बाद भी उसी स्पीड के साथ बोलिंग कर रहा था। जबकि उसके पास उस टाइम अच्छे शू भी नहीं थे। ऐसा लड़का हमने पहले कभी नहीं देखा था, जो इतनी तेज बॉल डाल रहा हो। फिर मैंने उसके पिताजी से बात की और कहा कि इसे और मेहनत कराइए। मैंने उनसे पूछा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि दो चार महीने में छोड़ कर चला जाएगा। इसपर शमी के पिताजी ने जवाब देते हुए कहा, नहीं नहीं... ये बिल्कुल प्रैक्टिस करेगा और आप इसे अपने अन्डर ट्रेनिंग दीजिए। फिर मैंने कहा बस इसे रेगुलर रहना पड़ेगा। कुल मिलाकर कहूं तो शमी ने पहले ही दिन मुझे अपनी बोलिंग से इंप्रेस किया था लेकिन, उस टाइम ये उम्मीद नहीं थी कि यहां तक आएगा और इतिहास रचेगा।
सवाल- चूंकि, शमी यूपी के अमरोहा से आते हैं। छोटे शहरों में अधिकांश लोग क्रिकेट को करियर के रूप में नहीं देखते हैं। ऐसे में क्या कभी ऐसा हुआ कि शमी के परिवार से कोई आया हो और कहा हो कि अब हमारा बेटा क्रिकेट नहीं खेलेगा?
जवाब- नहीं, ऐसा कभी नहीं हुआ। उल्टा उसके पापा और भाई क्रिकेट को लेकर और ज्यादा सीरियस थे। हालंकी, ट्रेनिंग के दौरान शुरुआती दिनों में कई बार निराश भी हुआ लेकिन हमलोगों ने शमी को समझाया और उसे हिम्मत दिलाई। उसे भरोसा दिलाया कि आपके पास अभी बहुत टाइम है। और हम सब भी ये भरोसा था कि ये कुछ न कुछ तो जरूर करेगा क्योंकि क्रिकेट के प्रति उसका जुनून बहुत था। लेकिन, इतना कुछ कर जाएगा इसकी उम्मीद उस समय तक नहीं थी।
photo_2023-11-18_19-59-23.jpgसवाल- ट्रेनिंग के दिनों में शमी अपने घर से प्रैक्टिस स्टेडियम तक किन साधनों से पहुंचते थे?

जवाब- उसका घर प्रैक्टिस ग्राउन्ड से करीब 25-30 किलोमीटर की दूरी पर था। घर से वह साइकिल से निकलता था। मेन रोड तक आ कर फिर वहां से बस पकड़ता था। बस से उतरने के बाद फिर रिक्शा और अंत में कुछ दूर पैदल चल के प्रैक्टिस ग्राउन्ड तक आता था। कुल मिलाकर कहें तो शुरुआत के दिनों में बहुत स्ट्रगल किया है उन्होनें।
सवाल- कितने सालों तक आपने अपने ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में शमी को ट्रेनिंग दी?

जवाब- तकरीबन, 3 सालों तक शमी ने मेरे गाइडेंस में ट्रेनिंग ली और उसी दौरान यूपी से उन्होंने ट्रायल भी दिया। और फिर हमने उसे कोलकाता भेज दिया। वहीं, उन्होंने फिर ज्यादातर क्रिकेट खेली।
सवाल- 3 सालों की ट्रेनिंग के दौरान शमी के साथ बिताए कोई खास पल जो हमेशा याद रहता हो?

जवाब- ट्रेनिंग के दौरान उसकी एक बहुत ही खास बात थी कि वह अपने टाइम से हमेशा पहले आया करता था। पहले आना और सबसे लास्ट में जाना, उसकी आदत थी। उसकी एक खास बात यह भी थी कि ऐसा नहीं था कि सिर्फ सीनियर बैट्समैन को ही बॉल डाले। अगर जूनियर बल्लेबाज भी खेल रहा होता तो वह उसी लगन से बॉलिंग करता था। उस दौरान वह सबके लिए तैयार रहता था और उसी का नतीजा है कि वह आज इस मुकाम पर है।
badruddin.jpegसवाल- मोहम्मद शमी वर्ल्ड कप मैच में 50 से अधिक विकेट अपने नाम करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन चुके हैं, इसपर आप क्या कहना चाहेंगे?

जवाब- ये बेहद खुशी की बात है। अगर शुरुआती मैचों में ही उसे मौका मिलता तो हो सकता था आज जिस नंबर पर वो खड़ा है, उससे कहीं और ऊपर होता। लेकिन, ठीक है। ये सब खेल का हिस्सा है। सभी बोलरों को आप एक साथ नहीं खेला सकते। ऐसे में उसपर ध्यान न देते हुए शमी ने हमेशा क्रिकेट को इन्जॉय किया। इंडिया की जीत इन्जॉय की। ये इतिहास रचना और खेलना न खेलना ये सब लगी रहती है। सबसे बड़ी बात ये है कि आप अपनी परफ़ोर्मेंस से अपने देश को जीत दिला रहे हैं।
सवाल- 06 जनवरी 2013 का दिन, दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम। शमी का पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू। उस वक्त का माहौल कैसा था आप लोगों के बीच?

जवाब- उससे पहले कोलकाता में एक मैच था, मैं और उसके पापा साथ गए थे। मुझे उम्मीद थी कि उस समय उसे मौका जरूर मिलेगा क्योंकि वह कोलकाता का लोकल प्लेयर था। लेकिन, उस समय उसे मौका नहीं मिला और फिर हम निराश हो कर अगली बार दिल्ली नहीं गए। लेकिन, जैसे ही शमी को मालूम हुआ कि वह कल खेल रहा है, प्लेइंग इलेवन में शामिल है तो उसने हमें बताया। और फिर उसी डेब्यू में शमी ने लगातार 4 ओवर मेडन फेंकना, वो भी अपने आप में एक बड़ी बात है। हम लोग बेहद खुश थे। और भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान अलग से टेंशन होती है। प्लेयर में भी और दर्शक में भी। तो उस समय अच्छा प्रदर्शन करना बहुत बड़ी बात थी।
सवाल- शमी का उनकी पत्नी के साथ पिछले 5 सालों से विवाद चल रहा है तो क्या कभी ऐसा हुआ है कि शमी ने अचानक आपको फोन किया हो और अपनी निजी परेशानी आपसे साझा की हो? क्योंकि एक बार शमी ने कहा था कि मैं सुसाइड करने वाला था।

जवाब- नहीं, मेरे साथ तो कभी ऐसा नहीं हुआ। मैं भी अचंभित था जब मुझे न्यूज़ के माध्यम से पता चला। मुझसे इस बात का कभी शमी ने जिक्र नहीं किया था। लाइफ है, और लाइफ में हर इंसान के उतार चढ़ाव आते रहते हैं। बस ये सेलिब्रिटी हैं तो इनके विवाद ज्यादा हाईलाइट हो जाते हैं। लेकिन, जो इन चीजों से ऊपर बढ़ जाता है वहीं बड़ा इंसान है, वहीं बड़ा खिलाड़ी है।
सवाल- क्रिकेट में करियर बनाने की सपना देखने वाले बच्चों के लिए आप क्या मूल मंत्र देना चाहेंगे?

जवाब- क्रिकेट में कोई शॉर्टकट नहीं है। आज कल बच्चे मेहनत कम, दिखावा ज्यादा और रिजल्ट अधिक चाहते हैं। वैसे में उस तरह का रिजल्ट बहुत आगे तक नहीं जाता। और आप अभी जो शमी को देख रहे हैं, जो हर मैच में बेहतर ही दिख रहा है वो सिर्फ मेहनत से ही मिल सकता है। कहीं पर भी कोई शॉर्टकट न अपनाएं, मेहनत करें। सफलता अवश्य मिलेगी।

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