यूपी में पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही लागू हो जाएगी आचार संहिता, जानें क्या हैं आचार संहिता के नियम

- पंचायत चुनाव की घोषणा होने से पहले जान लें आदर्श आचार संहिता के नियम
- चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक खत्म नहीं होगी आचार संहिता

By: Neeraj Patel

Updated: 05 Jan 2021, 07:51 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव 2021 (Panchayat Chunav 2021) की घोषणा होते ही सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जाएगी और सभी प्रदेश वासियों को होने वाले पंचायत चुनाव के परिणाम आने तक आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के नियमों का पालन करना पड़ेगा। अगर आप आदर्श आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करते हैं तो आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए पंचायत चुनाव की घोषणा होने से पहले आदर्श आचार संहिता के सभी नियमों के बारे में पहले से ही पता कर लें ताकि आपको किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

दरअसल, देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आदर्श आचार संहिता कहते हैं। आचार संहिता लागू होते ही शासन और प्रशासन में कई अहम बदलाव हो जाते हैं। राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार के नहीं, चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फायदा पहुंचता हों। आचार संहिता लागू होने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं।

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इसके साथ ही सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है। किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली या जुलूस निकालने या चुनावी सभा करने की पूर्व अनुमति अपने पुलिस थाना से लेना अनिवार्य होता है। कोई भी राजनीतिक दल जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मांग सकता है। राजनीतिक कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक भी नियुक्त करता है।

आचार संहिता उल्लंघन करने पर हो सकती है ये कार्रवाई

यदि कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो चुनाव आयोग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। जरूरी होने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। आचार संहिता के उल्लंघन में जेल जाने तक के प्रावधान भी हैं। इसके साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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