महिला मित्र के साथ कोई ऐसा भी करता है क्या, जैसा इन्होंने किया? सबसे पहले Army की पड़ी नजर

- लखनऊ के कैंट इलाके का मामला
- देर रात सुनसान जगह में खड़ी मिली कार
- अंदर थीं खून से सनी दो लाशें, सुसाइड नोट बना पहेली

By: Hariom Dwivedi

Published: 13 Apr 2021, 12:44 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. राजधानी लखनऊ के कैंट इलाके (Lucknow Cantt) में सोमवार रात नौ बजे एक कार खड़ी थी। आर्मी की पेट्रोलिंग (Army Patrolling) टीम उधर निकली तो संदिग्ध कार को देखकर चौकन्ना हो गई। कार के पास पहुंचे जवानों ने अंदर का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गये। बंद कार में एक महिला और एक पुरुष की खून से लथपथ लाशें पड़ी थीं। आर्मी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस (Lucknow Police) के बड़े अफसर मौके पर पहुंचे और पड़ताल में जुड़े गये। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का दावा है कि युवती की हत्या के बाद युवक ने खुद को गोली से उड़ाया है। मौके पर मिला सुसाइड नोट भी इसी ओर इशारा कर रहा है। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारी छानबीन कर रहे हैं।

कैंट इलाके के एनसीसी मेस के पास सुनसान स्थान पर खड़ी मिली कार के अंदर संजय निगम (50) और आशा अग्रवाल (35) के शव पड़े थे। ड्राइविंग सीट पर संजय की लाश पड़ी थी, जिसके माथे के बीचोबीच लोगी लगी थी वहीं, बगल की सीट पर आशा की लाश पड़ी थी, जिसके सीने में गोली लगी थी। पुलिस के मुताबिक, मामला प्रेम प्रसंग (Love Affair) का लग रहा है। युवती की हत्या के बाद संजय ने खुदकुशी की है।

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मूलरूप से कैंट के रामदास का हाता निवासी संजय निगम शेफ किचन के नाम से रेस्टोरेंट चलाते हैं। वह परिवार के साथ गोमतीनगर इलाके में रहते थे। रामदास हाता का आवास उन्होंने किराए पर उठा रखा था। पुलिस के मुताबिक संजय निगम का पत्नी से विवाद चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, संजय के साथ कार में मिला शव कैंट इलाके की आशा अग्रवाल का। आशा के पति की मौत हो चुकी है। एक बेटा व एक बेटी है। उनके सम्बंधों के बारे में दोनों के परिवार जानते थे। संजय निगम को भी एक बेटी व एक बेटा है। पुलिस ने महिला के पर्स से मिले बिजली बिल (Bijli Bill) से उसकी शिनाख्त की। उसके परिवारीजनों से भी पुलिस ने पूछताछ की।

संतोष से खरीदी थी कार
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी (ADCP East) के मुताबिक, कार के नंबर के आधार पर पुलिस ने मालिक का नाम व पता निकाला। कार तेलीबाग निवासी संतोष शर्मा के नाम से रजिस्टर्ड थी। संतोष ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी कार संजय निगम को बेच दी थी, लेकिन अभी कार के पेपर ट्रांसफर नहीं किये हैं।

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लाइसेंसी रिवाल्वर से चली थीं गोलियां
प्रभारी निरीक्षक कैंट नीलम राणा के मुताबिक, कार में .32 बोर की लाइसेंसी रिवाल्वर (Licence Revolver) मिली है, जिससे चार गोलियां चलने की पुष्टि हुई है। दो गोलियां मिस हो गई थीं। वहीं एक गोली युवती और एक गोली संजय को लगी थी। पुलिस ने रिवॉल्वर को कब्जे में ले लिया है।

आखिर ये अंजू कौन है?
फोरेंसिक टीम (Forensic Team) को कार के अंदर से दो पन्ने का एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में संजय निगम ने अंजू नाम की महिला को जिम्मेदार बताया है। लिखा कि अंजू ने मेरी जिंदगी खराब कर दी है। वह मेरी दुकान पर कब्जा करना चाहती है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, अंजू कौन है? यह अभी साफ नहीं हो सका है।

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Hariom Dwivedi
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